Coronavirus Outbreak: बच्चों और बुजुर्गों को ही नहीं, आपको भी टारगेट कर रहा कोरोना?

  • दुनिया भर में अब तक मिले मरीजों में 38 फीसदी युवा

  • बच्चे जल्दी कर रहे हैं रिकवर, लौट रहे अस्पताल से घर

     

नई दिल्ली

कहा जा रहा है कि अगर आप युवा हैं और आपका इम्यून सिस्टम बेहतर है तो आप कोरोना से लड़ सकते हैं। यह वायरस बच्चों और बुजुर्गों को ही टारगेट कर रहा है। अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं तो फिर आप गलत हैं। कोरोना वायरस के मरीजों का डाटा निष्कर्ष बताता है कि यह किसी को भी नहीं छोड़ रहा है। दुनिया भर में 38 फीसदी मामले युवाओं के ही रिपोर्ट हुए हैं। जिन्हें आईसीयू में रखना पड़ा है। ऐसे में यह कोई नहीं कह सकता है कि कोरोना वायरस से कोई बच सकता है।

पटना में एक 38 साल के युवा की कोरोना वायरस से मौत हो गई। उसके बाद यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या वाकई में यह वायरस सिर्फ बच्चों और बुजुर्गों को ही टारगेट कर रहा था। लेकिन यूएस बेस एक रिसर्च का दावा सही मानें तो दुनिया भर में कोरोना के जो मामले रिपोर्ट हुए हैं उसमें 38 फीसदी मामले ऐसे हैं जिनमें मरीज की उम्र 20 से 54 साल के बीच में है। हालांकि 50 फीसदी से ज्यादा मामलों में मरीज की उम्र 60 से ज्यादा है। वहीं बच्चों की संख्या में तेजी दिखाई दी है।

नवजात को निशाना बना रहा कोरोना
अगर बच्चों की बात करें तो यह उन्हें तेजी से निशाना बना रहा है। रिपोर्ट कहती है कि करीब 11 फीसदी नवजात बच्चे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें कई तो बहुत ही गंभीर हालत में अस्पताल में पहुंचे। उन्हें आईसीयू से लेकर दूसरी चिकित्सीय व्यवस्थाओं पर रखना पड़ा। हालांकि बच्चे दूसरों की तुलना में ज्यादा तेजी से रिकवर कर रहे हैं।

निमोनिया या लीवर फेल से हो रही मौतें
कोराना वायरस पीड़ितों की मौतों के पीछे सबसे बड़ा कारण निमोनिया या फिर लीवर का फेल होना सामने आ रहा है। यह वायरस फेंफड़ों से लेकर लीवर तक पर असर डाल रहा है। यही वजह है कि इसके मरीजों को सांस लेने में दिक्कत और दूसरी तरह की परेशानियां हो रही हैं।

shailendra tiwari
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned