Coronavirus: तिहाड़ जेल से अगले 2 दिनों में छोड़े जाएंगे 3 हजार कैदी

कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इस महामारी का खतरा जेलों में रह रहे कैदियों पर भी मंडराने लगा है। शीर्ष कोर्ट ने इस मामले को लेकर चिंता जाहिर की है। बताया जा रहा है जल्द ही कैदियों की छुट्टी होगी।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इस महामारी का खतरा जेलों में रह रहे कैदियों पर भी मंडराने लगा है। तिहाड़ जेल से भी जल्द कैदियों की रिहाई हो सकती है।

तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल ने कहा कि अगले 3-4 दिनों में करीब 3 हजार कैदी को छोड़ने का फैसला किया है। जिसमें 1500 कैदी ऐसे हैं जिन्हें कोर्ट से अलग-अलग अपराधों में सज़ा हो चुकी है। इन्हें परोल या पर छोड़ा जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद हो सकता है कि विचाराधीन कैदियों को जल्द छोड़ दिया जाए या फिर उन्हें कुछ समय के लिए पेरोल दे दिया जाए।

हालांकि तिहाड़ सहित दिल्ली की सभी तीनों जेल (रोहिणी-मंडोली) में कोरोना के मद्देनजर पहले से ही एहतियातन तमाम इंतजामात किए गए थे। लेकिन मौजूदा हालात में सारे इंतजाम अचानक ध्वस्त हों, उससे पहले ही प्रशासन आगे के इंतजाम में जुट गया है।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद की जाएगी रिहाई

अब इंतजार सिर्फ इस बात का है कि सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द जेलों में बंद विचाराधीन कैदियों की रिहाई का कोई आदेश मुहैया करा दे। इसके बाद इन जेलों में ठूंस-ठूंसकर भरे गए कैदियों की भीड़ को कम कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि तिहाड़ की तीनों जेलों में कैदियों को बंद करके रख पाने की क्षमता केवल 10 हजार की है, जबकि तिहाड़, मंडोली, रोहिणी सहित दिल्ली की सभी तीन जेलों में कैदियों की मौजूदा अनुमानित संख्या करीब 17,500 है।

दिल्ली जेल मुख्यालय के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर सोमवार को बताया कि "इसमें संदेह नहीं कि हमारी तीनों ही जेलों में तादाद से ज्यादा कैदी हैं। इस तादाद को हाल फिलहाल कम करने का एक ही रास्ता है कि कुछ ऐसे मामलों में बंद कैदी, जो विचाराधीन हैं तथा उन पर गंभीर आरोप नहीं हैं, इन्हें कुछ वक्त के लिए रिहा कर दिया जाए। लेकिन यह सुप्रीम कोर्ट के किसी दिशानिर्देश से ही संभव होगा।"

साढ़े चौदह हजार विचाराधीन कैदी हैं दिल्ली की जेलों में

तिहाड़ जेल मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में दिल्ली की जेलों में कैदियों की जो बहुतायत है, उसमें भी करीब साढ़े चौदह हजार के आसपास विचाराधीन हैं। कोरोना जैसी महामारी भीड़ और आपस में एक मीटर के अंदर के फासले पर इंसान के मिलने-बैठने से ही फैल रही है। जबकि तिहाड़ में एक मीटर के हिस्से में अनुमान के मुताबिक चार से पांच कैदी मजबूरी में रह रहे हैं।

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तिहाड़ जेल में 18 कोरोना के संदिग्ध मरीज मिले

गौरतलब है कि कोरोना फैलने के दौरान तिहाड़ में करीब 18 संदिग्ध पाए गए थे। इनमें पांच बाहरी देशों के भी आठ विचाराधीन कैदी संदिग्ध मिले थे। इन सभी को तिहाड़ जेल में ही अलग बनाए गए आइसोलेशन रूम (बैरक) में रखा गया था। एक कैदी जो 18 मार्च, 2020 को ही गिरफ्तार होकर जेल पहुंचा था, उसे तो तत्काल कोरोना की आशंका के चलते दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ले जाकर दाखिल कराना पड़ा। लेकिन उसमें कोरोना का कोई लक्ष्ण नहीं पाया गया। इसके बाद भी उसे तिहाड़ जेल में अस्पताल से वापस लाकर भी अलग ही रखा गया।

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Prashant Jha
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