कोरोना वायरस पर भारत की जीत! पुणे में तैयार हुई प्रिवेंशन वैक्सीन

  • कोरोना वायरस ( Corona Virus) के कारण दुनियाभर में हाहाकार
  • पुणे ( Pune ) में तैयार हुई प्रिवेंशन वैक्सीन

नई दिल्ली। चीन ( China ) के वुहान ( Wuhan ) शहर से फैला कोरोना वायरस ( corona virus ) से दुनियाभर में हाहाकार मचा है। आलम ये है कि इस खतरनाक वायरस से चीन में 18 सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस का असर कई एशियाई देशों में फैल चुका है। वहीं, वायरस का तोड़ निकालने के लिए लगातार प्रयास जारी है। इसी बीच पुणे ( Pune ) की एक संस्थान ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए एक प्रिवेंशन वैक्सीन तैयार कर ली है। बताया जा रहा है कि छह महीने बाद इस वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने अमरीकी कंपनी बायोटेक्नॉलजी फर्म कोडाजेनिक्स की मदद से यह सफलता हासिल की है। बताया जा रहा है कि कोरोना के इलाज के लिए एसआईआई-कोडाजेनिक्स द्वारा विकसित की गई संभावित वैक्सीन वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए एक सुरक्षाकवच बनाने में अपेक्षाकृत कम समय लेती है। एसआईआई के सीईओ अदल पूनावाला का कहना है कि इस वैक्सीन-वायरस का स्ट्रेन मूल कोरोना वायरस के ही समान है और यह एक मजबूत इम्यून रिस्पॉन्स जनरेट करता है। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन 6 महीने में ह्यूमन ट्रायल के लिए तैयार हो जाएगी। इसके बाद यह भारत की ऐसी पहली वैक्सीन हो जाएगी, जिसे इतनी तेजी से इस चरण तक लाने में सफलता हासिल हुई है।

सीईओ का कहना है कि ह्यूमन ट्रायल के बाद इसे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से अप्रूवल लिया जाएगा। अदल पूनावाला ने कहा कि अप्रूवल मिलने के बाद ही इस वैक्सीन को कोरोना वायरस के तोड़ के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। उन्होंने आगे बताया कि करीब एक साल तक मानव शरीर पर वैक्सीन को स्टडी करने में लगेगा। संस्था के मालिक का कहना है कि उम्मीद की जा रही है कि 2022 में यह वैक्सीन पूरी तरह तैयार हो जाएगा। यहां आपको बता दें कि 72, 436 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ( एनएचसी ) ने बताया कि 1,097 मरीज काफी गंभीर है और 11,741 मरीजों की हालत नाजुक बनी है।

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Kaushlendra Pathak
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