'आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाना उस देश की असफलता'

'आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाना उस देश की असफलता'
Jaishankar

उन्होंने कहा कि किसी भी शासन को दो विचार पर अमल करना चाहिए जिसमें एक जिम्मेदारी तय करने और दूसरी जवाबदेही तय करने की होती है

जयपुर। पठानकोट पर हुए आतंकी हमले को सीमा पार से संचालित मानने की धारणा पर बुधवार को भारत ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि किसी भी देश की सरकार की यह जिम्मेदारी है कि घटना की जांच करने के साथ दोषी के खिलाफ कार्रवाई करें अन्यथा इसका दूसरे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आतंकवाद से निपटने के प्रयास उसी तरह किए जाने चाहिए जिस तरह परमाणु हमले और रसायनिक हथियारों पर रोक लगाकर की गई।

विदेश सचिव एस जयशंकर ने बुधवार को आतंकवाद विरोधी कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई देश आतंकी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता है तो इसे उस देश की असफलता मानी जाएगी। विदेश सचिव का यह बयान उस समय सामने आया है जब भारत पाकिस्तान पर पठानकोट हमले के गुनहगारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दबाव बना रहा है।

उन्होंने कहा कि किसी भी शासन को दो विचार पर अमल करना चाहिए जिसमें एक जिम्मेदारी तय करने और दूसरी जवाबदेही तय करने की होती है। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी राष्ट्र राज्य एक बुनियादी ईकाई होती है तथा प्रत्येक सरकार पर विकास करने और कार्रवाई करने की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर उसे असफल राज्य माना जाना चाहिए।

विदेश सचिव ने कश्मीर में आतंककारियों को स्वतंत्रता सेनानी मानने के संदर्भ में कहा कि आतंकवाद को न्यायसंगत और आतंकी को स्वतंत्रता सेनानी बताने के दिन अब लद गए हैं और पूरा विश्व इसे मानने के लिए तैयार नहीं है।
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