COVID-19 Vaccine: तो क्या भारत में मुफ्त में मिलेगी कोरोना की दवाई! जानें क्या है सरकार का प्लान

  • COVID-19 Vaccine : 6 राज्यों की सरकारों ने पहले ही कर दी थी फ्री में कोरोना वैक्सीन बांटने की घोषणा
  • कोविड वैक्‍सीन पैनल के प्रमुख के अनुसार दवाई की कीमत पर फैसला क्लिनिकल ट्रायल्‍स की सफलता पर निर्भर करेगा

By: Soma Roy

Published: 28 Oct 2020, 02:17 PM IST

नई दिल्ली। मार्च से कोरोना महामारी (Coonavirus Pandemic) से जूझ रहे देशवासी जल्द से जल्द इससे निजात चाहते हैं। इसी के चलते वैज्ञानिक भी कोरोना की वैक्सीन जल्दी तैयार करने की कोशिश में लगे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ खास वैक्सीन्स ट्रायल के अंतिम चरण में है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि साल के खत्म होने से पहले वैक्सीन बाजार में आ जाएगी। मगर इस बीच सवाल यह है कि क्या वैक्सीन मुफ्त में मिलेगी या इसके लिए लोगों को कीमत चुकानी होगी। क्योंकि कुछ समय पहले बिहार विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में बीजेपी ने मुफ्त वैक्‍सीन का वादा किया था। हालांकि कोविड वैक्‍सीन पैनल के प्रमुख डॉ वीके पॉल का कहना है कि कोरोना की दवाई की कीमत पर फैसला क्लिनिकल ट्रायल्‍स की सफलता पर निर्भर करेगा।

हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रताप सारंगी ने दावा किया था कि सभी नागरिकों को मुफ्त में टीका लगेगा। इससे पहले छह राज्‍यों की सरकारें मुफ्त में कोरोना वायरस टीका लगाने की घोषणा कर चुकी हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इस पर स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं की है। वैसे राष्‍ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत सरकार की ओर से बच्‍चों और गर्भवती महिलाओं को कई तरह के टीके मुफ्त लगवाए जाते हैं। अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर वैक्‍सीन को लेकर जिस तरह वित्‍तीय समझौते हुए हैं, उसे देखते हुए केंद्र को वैक्‍सीन के लिए कितनी कीमत चुकानी पड़ेगी, यह अभी तय नहीं है।

ट्रायल पर हैं ये वैक्सीन
ऑक्‍सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका के बनाए टीके 'कोविशील्‍ड' का फेज 3 ट्रायल चल रहा है। इसके अलावा भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने मिलकर Covaxin बनाई है। ये अभी फेज 2 ट्रायल में है। जायडस कैडिला की ZyCov-D भी फेज 2 ट्रायल में है।

पहले किन्हें मिलेगी वैक्सीन
कोरोना वैक्सीन पहले किन्हें दी जाएगी इसके लिए 4 श्रेणियों के लोगों की पहचान की गई है। केंद्र ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों के सहयोग से करीब 30 करोड़ प्राथमिकता प्राप्त लाभार्थियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुरुआती चरण में डॉक्टरों, एमबीबीएस छात्रों, नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं समेत लगभग एक करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स, स्वास्थ्य नगर निकाय कर्मियों, पुलिस और सशस्त्र बलों के कर्मिचारियों समेत करीब 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्करों, 50 साल से अधिक उम्र के लगभग 26 करोड़ लोगों और पहले से बीमारी से पीड़ित लोगों को वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई जाएगी।

एक खुराक पर आएगी 500 रुपए की लागत
सरकार ने नागरिकों के टीकाकरण के लिए करीब 50 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है।अनुमान है कि वैक्सीन की एक खुराक पर तकरीबन 6 से 7 डॉलर यानी करीब 400 से 500 रुपए की लागत आएगी। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक 1.3 अरब आबादी वाले देश में अगर थोक में वैक्सीन खरीदा जाए तो प्रति व्यक्ति दवाई की कीमत काफी कम आएगी।

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