जानें, भारत में किसे सबसे पहले मिलेगी कोरोना वैक्सीन ?

COVID vaccine distribution in India: बताया जा रहा है कि साल 2021 की शुरुआत तक कोई ना कोई प्रभावी टीका जरूर आ चुका होगा। लेकिन सवाल ये है कि इतनी बड़ी आबादी का एक साथ टीकाकरण होगा कैसे?

 

COVID vaccine distribution in India: कोरोना महामारी से दुनियाभर में अब तक 14 लाख 65 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। भारत में भी कोरोना संक्रमण 1 करोड़ के पार पहुंचने वाला है। हालांकि इस महामारी को खत्म करने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं और कई वैक्सीन तो अपने आखिरी चरण में हैं।

बताया जा रहा है कि साल 2021 की शुरुआत तक कोई ना कोई प्रभावी टीका जरूर आ चुका होगा। लेकिन सवाल ये है कि इतनी बड़ी आबादी का एक साथ टीकाकरण होगा कैसे?

इस सवाल का अभी कोई सटीक जवाब नहीं दिया जा सकता लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि टीकाकरण चार या फिर उससे भी अधिक चरणों में भी हो सकता है। इसमें उन लोगों को पहले टीका मिलेगा, जो कोरोना वायरस से ज्यादा जोखिम में हैं।

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50 करोड़ डोज तैयार

ICMR के एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 के जुलाई तक भारत में वैक्सीन के 50 करोड़ डोज तैयार और लगभग 25 करोड़ लोगों तक पहुंचा दिए जाएंगे। लोगों को वैक्सीन देने के लिए एक ग्रुप भी बना लिया गया है, जिसका नाम नेशनल वैक्सीन ग्रुप है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक रिस्क एसेसमेंट के आधार पर लोगों को वैक्सीन दिया जाएगा। जिसको कोरोना से ज्यादा खतरा होगा उसे पहले टीका मिलेगा। इसके बाद ही दूसरे लोगों तक वैक्सीन पहुंचेगी।

4 चरणों में होगा टीकाकरण

यूनियन सेक्रेटरी राजेश भूषण के हवाले से तैयार की गई रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले चरण में हेल्थ वर्कर्स यानी डॉक्टर, नर्सें और अस्पताल का दूसरा स्टाफ या फिर एएनएम वर्कर्स का टीकाकरण किया जाएगा।

दूसरे चरण में सैनिटेशन वर्करों का टीकाकरण होगा. इसमें पुलिस वालों के साथ-साथ वे लोग भी आते हैं जो घरों से कूड़ा उठाने का काम करते हैं।तीसरे चरण में 50 से अधिक आयुवर्ग के लोगों को वैक्सीन मिलेगी । इसके बाद बचे लोगों का टीकाकरण चौथो चरण में होगा। इसके अलावा हर राज्य अपना अलग कोरोना वैक्सीन बेनिफिशियरी मैनेजमेंट सिस्टम (CVBMS) तैयार कर रहा है।

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बता दें भारत में टीकाकरण के लिए पहले से कई नियम बनाए जा चुके हैं। इसलिए वैक्सीनेशन के मामले में देश का रिकॉर्ड काफी बढ़िया रहा है। यहां हर साल गर्भवती और नवजातों को कई तरह के टीके दिए जाते हैं, इसलिए सरकार के पास डाटाबेस तैयार करना का भी आसान रास्ता उपलब्ध है।

 

Vivhav Shukla
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