दिल्ली: शराब पर लगे 'कोरोना टैक्स' ने भरी सरकार की तिजोरी, 110 करोड़ रुपए से ज्यादा की हुई कमाई

- कोरोना टैक्स ( corona tax ) से दिल्ली सरकार ( Delhi govt ) को 15 दिन के अंदर ही हुई है 110 करोड़ रुपए की कमाई

- दिल्ली में शनिवार से शराब की और दुकानों ( liquor Shops ) को खोलने की इजाजत दी है

नई दिल्ली। सरकार ने लॉकडाउन ( Lockdown ) के चलते मंद पड़ी अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए जो तरकीब निकाला था, वो निशाना पर लगा। दरअसल, लॉकडाउन में जब सरकारी रेवेन्यू खत्म होने लगा तो बेहद रिस्क के साथ सरकारी शराब के ठेके ( liquor shops ) खोल दिये गए। इसके साथ ही दिल्ली में तो इसपर 'विशेष कोरोना टैक्स' ( corona tax ) भी लगाया गया था। अब जानकारी मिल रही है कि इस शुल्क लगाने के सिर्फ 15 दिन के अंदर ही दिल्ली सरकार को 110 करोड़ की अधिक कमाई हुई।

कोरोना टैक्स से 110 करोड़ का कलेक्शन

यह जानकारी दिल्ली आबकारी विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों से मिली है। कहा जा रहा है कि और अधिक दुकानों के खुलने से आनेवाले दिनों में और अधिक कमाई की पूरी उम्मीद है। आबकारी विभाग के आंकड़े के अनुसार, 12 मई तक की कमाई 55 करोड़ थी। इसके बाद 15 मई तक कोरोना टैक्स का कलेक्शन 70 करोड़ रुपये और 21 मई तक यह कलेक्शन बढ़कर 110 करोड़ रुपए हो गया।

शनिवार को और दुकानों को खोलने की मिली इजाजत

बता दें कि सरकारों के लिए शराब से मिलने वाला रेवेन्यू आय का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत है। शनिवार से और दुकानों को खोलने की इजाजत दी गई है। ऐसे में अब कमाई और बढ़ने की प्रबल संभावना है। दरअसल, पहले लॉकडाउन 3.0 में 100 के करीब शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई थी, वहीं, अब शहर भर में लगभग 200 दुकानें खुल रही हैं, जिनमें स्टैंडअलोन दुकानें और बाजार में मौजूद दुकानें शामिल हैं। आबकारी विभाग ने शनिवार से 66 निजी शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी थी।

अभी नहीं खुलेंगी एयरपोर्ट पर शराब की दुकानें

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 850 से अधिक शराब की दुकानें हैं, जिनमें से लगभग 150 मॉल और हवाईअड्डे पर स्थित हैं। ये दुकानें अभी खोलने की इजाजत नहीं दी जायेगी।

पांच मई को लगा था कोरोना टैक्स

शराब के ठेके खोलने के बाद भारी संख्या में भीड़ दुकानों पर उमड़ रही थी। शराब के लिए सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए लोग कई किमी लंबी लाइन में लगे रहते थे। इसके बाद पांच मई को सरकार ने शराब पर एक विशेष कोरोना शुल्क लगाया, जो एमआरपी का 70 प्रतिशत है। इसके अलावा, इन दुकानों पर भीड़ से बचने के लिए, एक ई-कूपन प्रणाली शुरू की गई है जो लोगों को किसी विशेष शराब की दुकान पर एक निश्चित तिथि और समय पर जाने की अनुमति देती है। आबकारी विभाग के मुताबिक, 'शराब की बिक्री 'ई-टोकन' प्रणाली लागू होने के बाद बढ़ी है।'

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Kapil Tiwari
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