दिल्ली हाई कोर्ट ने JNU छात्रसंघ पर लगी पाबंदी हटाई, विश्वविद्यालय की बैठकों में ले सकेंगे हिस्सा

दिल्ली हाई कोर्ट ने JNU छात्रसंघ पर लगी पाबंदी हटाई, विश्वविद्यालय की बैठकों में ले सकेंगे हिस्सा

  • JNU छात्रसंघ अध्यक्ष की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में हुई सुनवाई
  • छात्रसंघ अध्यक्ष एन.सांई बालाजी ने दायर की थी याचिका
  • मामले को कोर्ट ने 17 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) को अंतरिम राहत देते हुए महत्वपूर्ण कल्याणकारी बैठकों में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी। अदालत ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष एन.सांई बालाजी व अन्य पदाधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। बता दें कि याचिका में विश्वविद्यालय की ओर से वैधानिक बैठकों में भाग लेने पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती दी गई है।

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सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने कहा, 'अब यह मामला 17 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है। तब तक सभी स्कूलों के डीन/केंद्रों/विशेष केंद्रों के अध्यक्षों को जारी सर्कुलर के मुद्दे से संबंधित 15 फरवरी के मिनट्स को स्थगित किया जाता है, जिसमें छात्रों को स्कूल/केंद्र स्तर की विभिन्न इकाइयों की बैठकों में हिस्सा लेने से मना करता है, क्योंकि इन कल्याणकारी बैठकों में छात्रों के हिस्सा लेने से कोई गलत नहीं होगा।'

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जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष ने अपनी याचिका में कहा कि विश्वविद्यालय ने उनके व्यक्तिगत चुनाव खर्च का अलग-अलग बिल नहीं देने के लिए उनको अपना काम करने से रोक दिया है। बता दें कि याचिकाकर्ताओं ने 14 सिंतबर, 2018 को हुए चुनाव में जीत हासिल की थी। उन्होंने अदालत से उन्हें विश्वविद्यालय के चुने हुए पदाधिकारी घोषित करने का निर्देश देने की मांग की। वहीं, अदालत ने इस मामले को शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में सूचीबद्ध किया है और दो महीने के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

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