दिल्लीः अपराधियों की धरपकड़ में पुलिस की मदद करेंगे एफआरएस से लैस 'खंभे'

दिल्लीः अपराधियों की धरपकड़ में पुलिस की मदद करेंगे एफआरएस से लैस 'खंभे'

अपराधियों पर धरपकड़ तेज करने के लिए अब दिल्ली के खंभे, पेड़, इमारतें भी पुलिस की आंखों की तरह काम करेंगे। सरकार ने फेसियल रिकगनिशन सिस्टम के लिए अतिरिक्त रकम जारी कर दी है।

नई दिल्ली। अपराधियों से निपटने में दिल्ली पुलिस को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त रकम दी गई है। इस रकम का इस्तेमाल सर्विलांस सिस्टम को हाईटेक करने में किया जाएगा जिससे अपराधियों की धरपकड़ आसान हो जाए। क्राइम ग्राफ कंट्रोल करने की दिल्ली पुलिस की इस मुहिम में राजधानी के भीतर लगे 'खंभे' मदद करेंगे। शुक्रवार को राजनाथ सिंह ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस की क्राइम टीम को फेसियल रिकगनिशन सिस्टम (एफआरएस) से लैस करने की घोषणा की।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को दिए जाने वाले बजट को बढ़ा दिया। दिल्ली की पहली पूर्ण महिला स्वॉट टीम को पेश किए जाने की घोषणा के बाद उन्होंने कहा कि 2017-18 में दिए गए 6,378 करोड़ रुपये के बजट को 15 फीसदी बढ़ाकर 2018-19 में 7,427 करोड़ रुपये कर दिया जा रहा है।

CCTV FRS

उन्होंने कहा, "सरकार ने क्राइम यूनिट्स के लिए फेसियल रिकगनिशन सिस्टम को जारी करने और कॉन्सटेबल को ई-बीटबुक से लैस करने के लिए सिम कार्ड के साथ 2,700 हाथ में आने वाली डिवाइसें दिलाने को मंजूरी दे दी है।" इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस में 12 हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भर्तियों के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। गृह मंत्रालय ने पहले ही 3,139 पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की हरी झंडी दे दी है। वर्ष 2016 में 4,227 और इस साल अतिरिक्त 3,139 पद बनाए हैं, जबकि कानून एवं व्यवस्था से अपराध जांच को अलग किया जा चुका है।

क्या है फेसियल रिकगनिशन सिस्टम

यह एक बायोमेट्रिक एप्लीकेशन होता है जो किसी इमेज (तस्वीर) को इसके विभिन्न तकनीकी पहलुओं (ग्राफ में चेहरे के बिंदु, विशेष पहचान चिन्ह, विशेषता आदि) आधार पर डाटाबेस में स्टोर कर लेता है। डाटाबेस में सुरक्षित इस तस्वीर का बाद में इस्तेमाल अन्य तस्वीरों से किया जा सकता है, फिर चाहे वो कोई डिजिटल तस्वीर हो या लाइव वीडियो। फेसियल रिकगनिशन के जरिये एनालिसिस करने के लिए बहुत उन्नत किस्म के लर्निंग एल्गोरिद्म पहले से ही सफलतापूर्वक इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

आजकल यह सिस्टम स्मार्टफोनों में भी इस्तेमाल किया जाने लगा है। इसके लिए फोन का हाई डेफिनिशन फ्रंट कैमरा फेसियल रिकगनिशन करता है, जो फोन का इस्तेमाल करने वाले के चेहरे का मिलान सुरक्षा और पहचान के लिए डाटाबेस में स्टोर तस्वीर से करता है। जब फोन के डाटाबेस में स्टोर तस्वीर से फोन को हाथ में लेने वाले के चेहरे का मिलान हो जाता है, यह अनलॉक हो जाता है। सुरक्षा और सर्विलांस में फेस रिकगनिशन का काफी व्यापक इस्तेमाल किया जा सकता है।

दिल्ली पुलिस कैसे करेगी चेहरे की पहचान

दिल्ली में रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशन, बस अड्डे, बाजार, मॉल समेत तमाम सड़कों, महत्वपूर्ण-आम स्थानों पर हजारों सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इनकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जाती है। फेसियल रिकगनिशन सिस्टम एप्लीकेशन होने से जब भी डाटाबेस में स्टोर तस्वीर से स्क्रीन में नजर आते चेहरे का मिलान होगा, सिस्टम तुरंत अलर्ट करता है और जानकारी देता है कि फलां व्यक्ति फलां वीडियो में फलां स्थान पर नजर आया। इसके बाद पुलिस तुरंत अलर्ट भेज देती है। यह सिस्टम खोए अपराधियों, बच्चों-व्यक्तियों, दुर्घटना में घायल अज्ञात लोगों के चेहरे भी पहचान करने में सक्षम है।

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