दिल्ली में जहरीली हवा से मिल सकती है राहत, 14-15 नवंबर को बारिश के आसार

गौरतलब है कि दिल्ली और एनसीआर में कुछ दिनों स्मॉग की चादर छाई है। बारिश होने से लोग राहत की सांस लेंगे।

नई दिल्ली: दिल्ली और एनसीआर के लोगों को बहुत जल्द ही जहरीली हवा से राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने 14-15 नवंबर को दिल्ली में हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। गौरतलब है कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली में फिलहाल 13 डिग्री सेल्सियस तापमान है और 51 से 98 फीसदी तक हिमिड्यूटी है। मौसम विभाग के इस अनुमान से दिल्ली के लोगों को राहत मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि दिल्ली और एनसीआर में मंगलवार से ही सुबह भी स्मॉग की चादर छाई है। हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने के बाद दिल्ली की हवा प्रदूषित हुई है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने दिल्ली में कई नए नियम भी लागू किए हैं। दिल्ली में पीएम का स्तर 10 तक गिर गया है। साथ ही शनिवार को गाजियाबाद में 65 फैक्ट्रियों को बंद कर दी गई है।

दिल्ली की हवा खतरनाक

लगातार खराब हो रहे मौसम पर दिल्ली के कुछ मशहूर डॉक्टरों ने दिल्ली को रहने योग्य शहर नहीं बताया था। डॉक्टरों ने कहा था कि इस शहर में किसी को भी नहीं रहना चाहिए। दिल्ली के बड़े बड़े डॉक्टरों ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन के सामने सुबह 6.30 बजे दिल्ली के कुछ नामचीन डॉक्टर जुटे और पॉल्यूशन की जांच। जिसमें 815 एयर क्वालिटी इंडेक्स रहा। डॉक्टरों ने कहा कि इस प्रदूषित हवा में अगर कोई भी सांस लेता है तो वह बीमार पड़ सकता है। लोगों को इस हवा में सांस नहीं लेनी चाहिए।

दिल्ली में मैराथन रद्द करने की अपील

इंडियन मेडिकल एसोसोशिन के अध्यक्ष डॉ के के अग्रवाल ने दिल्ली में मैराथन नहीं कराने को कहा है। उन्होंने कि मैराथन कराना अभी खतरे से खाली नहीं है। आईएमए ने दिल्ली के स्कूलों से कहा है कि वह कुछ दिनों तक बच्चों को आउटडोर ऐक्टिविटी न कराएं। इसके बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से दिल्ली के स्कूल बंद करने पर विचार करने को कहा है।

ब्रेस्ट कैंसर का बढ़ेगा खतरा

अपोलो अस्पताल के सीनियर डॉक्टर और ब्रेस्ट सर्जन डॉ सिदार्थ सहनी ने कहा कि 20साल की एक लड़की इस वातावरण में है तो तो 40 साल में उसमें स्तन कैंसर होने की आशंका छह गुना अधिक हो जाएगा।

जागरूकता की जरूरत

वहीं मेदांता हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ नरेश त्रेहान ने कहा कि लोगों को आंदोलन की तरह इस मुद्दे को उठाना चाहिए। डॉ त्रेहान ने कहा कि लोग इस मुद्दे को लेकर चिंतित हैं। लेकिन उन्हें नहीं पता कि क्या करना है। लोग सरकार से समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं। लेकिन मेरा मानना है कि लोगों के प्रयास से इसे दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र और राज्य दोनों के लिए चिंता का विषय है। इसे गंभीरता से लेना होगा, अन्यथा बहुत बुरे परिणाम होंगे। डॉ त्रेहान ने कहा कि 60-70% प्रदूषण फसल जलने से हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों और बीमार लोगों के लिए आवाज उठाना ही चाहिए।

दिल्ली रहने योग्य नहीं

सर गंगा राम हॉस्पिटल के डॉक्टर अरविंद कुमार ने कहा कि दिल्ली रहने योग्य नहीं। उन्होंने कहा स्वस्थ्य जागरूक व्यक्ति इस शहर में रहना नहीं चाहेगा।

Prashant Jha
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