मुश्किल में आम आदमी पार्टी, चुनाव आयोग ने अलग-अलग आंकड़ों पर भेजा नोटिस

मुश्किल में आम आदमी पार्टी, चुनाव आयोग ने अलग-अलग आंकड़ों पर भेजा नोटिस

निर्वाचन आयोग का कहना है कि पार्टी की ओर से आयकर विभाग और आयोग में जो आंकड़े दिए गए हैं। वह दोनों अलग अलग हैं। पार्टी इस मुद्दे पर जवाब दे।

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी एक बार फिर मुसीबत में फंसती जा रही है। चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को नोटिस जारी किया है। आयकर विभाग और चुनाव आयोग को दिए अलग अलग आंकड़ों को लेकर नोटिस जारी किया गया है। निर्वाचन आयोग का कहना है कि पार्टी की ओर से आयकर विभाग और आयोग में जो आंकड़े दिए गए हैं। वह दोनों अलग अलग हैं। पार्टी इस मुद्दे पर जवाब दे।

गृह मंत्रालय ने भी मांगा था जवाब

गौरतलब है कि पिछले साल गृह मंत्रालय ने विदेशी चंदे को लेकर आम आदमी पार्टी को जानकारी देने को कहा था। नोटिस में आम आदमी पार्टी को विभिन्‍न देशों से मिले चंदे की जानकारी मांगी गई थी। पार्टी ने इसकी जानकारी देने का वादा किया था।

पार्टी चंदे की रकम नहीं करेगी सार्वजनिक

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी (आप) ने लोगों से मिलने वाले चंदे को सार्वजनिक नहीं करने का फैसला लिया है। पार्टी ने निर्णय किया है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव के नाम पर उसे जितना भी चंदा मिलेगा, वह उसका ब्यौरा सार्वजनिक नहीं करेगी। पार्टी का इसके पीछे तर्क है कि आने वाले समय में चंदा देने वालों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, लिहाजा लोगों के बारे में भी नहीं बताया जाएगा। हालांकि, चुनाव आयोग (ईसी) इस बाबत पार्टी से अगर जानकारी मांगेगा, तो वह उसे चंदे का ब्यौरा देगी। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के चंदे में पिछले साल की तुलना में 4 गुना बढ़ोतरी हुई है। चुनाव आयोग (ईसीआई) को दी गई जानकारी में आम आदमी पार्टी ने 2016-17 में चंदे के रूप में 24.73 करोड़ रुपए की राशि दर्शायी थी । जो पिछले साल की तुलना में 4 गुना ज्यादा है।

 

एडीआर की रिपोर्ट में हुआ था खुलासा

31 मई 2018 को एडीआर (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स) की रिपोर्ट में राजनीतिक दलों को मिलने वाली चंदा के ज्ञात और अज्ञात स्त्रोंतो के बारे में बताया गया । रिपोर्ट में बताया गया कि देश की सात राष्ट्रीय पार्टियों की 2016-17 में अज्ञात स्त्रोंतों से 710.80 करोड़ रुपए चंदा मिला जबकि अन्य सभी पार्टियों द्वारा घोषित कुल चंदे की राशि 589.38 करोड़ रुपए है। अब इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लगभग 710 करोड़ रुपए की चंदा कहां से आई।आपको बता दें कि रिपोर्ट में कहा गया है कि 2016-17 में राजनीतिक दलों को पिछले वर्ष के मुकाबले कुल 102.02 करोड़ रुपए से बढ़कर 487.36 करोड़ रुपए हो गया है।

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