Explainer: स्कूल खुलने के बाद छात्रों को दिखेगा ऐसा बदला हुआ नजारा

  • कोरोना वायरस महामारी के चलते तकरीबन साल भर बाद खुल रहे स्कूल।
  • स्कूलों में छात्रों की वापसी से पहले की जा रही है काफी तैयारियां।
  • कोविड-19 से बचाव के उपायों के साथ ही कई सावधानियां बरती जाएंगी।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के चलते लंबे वक्त तक बंद रहने के बाद अब देशभर में फिर से स्कूलों का खुलना शुरू हो गया है। ज्यादातर राज्यों में बोर्ड एग्जाम के चलते सबसे पहले कक्षा 10 और 12 के छात्र वापस आ रहे हैं और धीमे-धीमे अन्य कक्षाओं के लिए स्कूल खुल रहा है।

Must Read: इजरायल में कोरोना टीकाकरण के दो चरण पूरे, इस रणनीति से भारत को क्या सीखना चाहिए?

अब जब स्कूल खुलते जा रहे हैं, तो छात्रों को क्या बदलाव देखने को मिलेंगे? कक्षाओं के अंदर और बाहर क्या नया होगा? स्कूल प्रशासन को छात्रों की सुरक्षा के लिए क्या-क्या उपाय अपनाने होंगे? जानना बहुत जरूरी है।

बदला हुआ क्लासरूम

देशभर में कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के बाद अनलॉक के चरणों में स्कूलों को चरणबद्ध ढंग से और सीमित संख्या के साथ फिर से खोलने की इजाजत दी गई थी। हालांकि लॉकडाउन लागू होने के तकरीबन एक साल बाद छात्र अब जब क्लासरूम में पहुंचेंगे, तो उन्हे काफी कुछ बदलाव नजर आएगा। जानते हैं दिल्ली, मुंबई समेत अन्य प्रमुख शहरों में निजी स्कूल किस तरह से नजर आएंगे।

स्कूलों में रोनक

स्कूलों में आना-जाना

  • स्कूलों में छात्रों का अलग-अलग प्रवेश और निकास। अलग-अलग कक्षाओं के छात्रों को 20-30 मिनट के अंतर पर बुलाया-छोड़ा जाएगा।
  • स्कूल के मुख्य द्वार और कक्षाओं में प्रवेश के दौरान अनिवार्य रूप से तापमान की जांच और हाथों का सैनेटाइजेशन।
  • समूचे स्कूल में जगह-जगह साइनबोर्ड और स्टिकर्स ताकि छात्रों को कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी मिले।

पुराने वाहनों के लिए 1 अप्रैल से बदल जाएगा यह नियम, समय रहते हो जाएं सावधान

और क्या बदलेगा

  • कुछ स्कूलों में चीजों से संपर्क ना हो सके इसके लिए सेंसर वाले नल और वाटर कूलर।
  • किसी में लक्षण दिखाई देने पर कुछ स्कूलों में क्वारंटीन रूम भी बनाए जा सकते हैं।
  • वॉशरूम में एक वक्त में एक ही छात्र को दिया जाएगा प्रवेश।
खुले स्कूल , लगी कक्षाएं ...

क्लासरूम के भीतर

  • एक कक्षा के भीतर छात्रों की संख्या सीमित करने के लिए कई सेक्शन बनाए सकते हैं।
  • छात्रों को एक दिन के निर्धारित अंतराल पर यानी अल्टरनेट डे में सप्ताह में तीन दिन बुलाया जा सकता है।
  • हर वक्त छात्रों के लिए मास्क पहनना होगा जरूरी।
  • हर क्लासरूम में हैंड सैनेटाइजर्स भी रखे जा सकते हैं।

यह भी बदलाव संभव

  • दो बच्चों की स्कूल बेंच में केवल एक बच्चे को बैठने की इजाजत।
  • छात्र आपस में कॉपी-किताबें, स्टेशनरी-लंच बॉक्स नहीं ले-दे सकेंगे।

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

किन चीजों की इजाजत नहीं

  • बिना मास्क के प्रवेश।
  • सुबह की सभा (मॉर्निंग एसेंबली)।
  • स्पोर्ट्स या आउटडोर एक्टिविटी।
  • ब्रेक के दौरान क्लासरूम से बाहर जाना।
  • अन्य कक्षाओं में जाना।
  • लाइब्रेरी या लैबोरेटरी में जाना।
  • कोविड-19 लक्षणों वाले छात्रों का प्रवेश।
अमित कुमार बाजपेयी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned