महाराष्ट्र हिंसा: कंट्रोल में आए हालात, जिग्नेश और उमर खालिद पर दर्ज हुआ केस

मुंबई आज जिग्नेश और उमर खालिद का एक कार्यक्रम होना था, जिसे पुलिस ने रद्द कर दिया है।

मुंबई: पुणे में जातीय हिंसा और बुधवार को महाराष्ट्र बंद का मुद्दा इस समय देश की सियासत में खूब गर्मा रहा है। सड़क से लेकर संसद तक इन दोनों घटनाओं के लेकर सरकार घिर गई है। हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पुणे जातीय हिंसा और महाराष्ट्र बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की जांच के आदेश दे चुके हैं। इस बीच गुरुवार को दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू छात्र उमर खालिद पर भी कार्रवाई हो गई है। पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। दोनों पर आरोप है कि इन्हीं के भड़काऊ भाषणों की वजह से पुणे में हिंसा हुई, जिसके बाद महाराष्ट्र बंद बुलाया गया।

प्रस्तावित कार्यक्रम को भी किया गया रद्द
आपको बता दें कि जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिज का 4 जनवरी को मुंबई के भाईदास हॉल में एक कार्यक्रम भी होना था, जिसे रद्द कर दिया गया है। इस कार्यक्रम का आयोजन छात्र भारती नाम के संगठन ने रखा था। छात्र भारती के उपाध्यक्ष सागर भालेराव ने बताया कि उन्होंने भाईदास हॉल को अपने संगठन के ऑल इंडिया समिट के लिए रिजर्व किया था। लेकिन पुलिस अब इस कार्यक्रम में किसी को जाने नहीं दे रही है। सागर भालेराव का कहना है कि मुंबई पुलिस ने पिछले दो तीन दिनों की हिंसा का हवाला देकर कार्यक्रम रद्द कर दिया है। इधर जब पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे लोगों को अंदर जाने से रोका था छात्र नारेबाजी करने लगे और जबरन अंदर जाने की कोशिश कर लगे।

मेवाणी-खालिद पर इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
उधर पुलिस ने जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद पर सेक्शन 153(A), 505, 117 के तहत एफआईआर दर्ज की है। इन दोनों पर पुणे में हुए कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। आपको बता दें कि पुणे की जातीय हिंसा के बाद ही महाराष्ट्र में गुरुवार को बंद बुलाया गया था, जिसके दौरान कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हुए। मुंबई पुलिस ने इस बंद के बाद कुल 25 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है, इसके अलावा कुल 300 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

Kapil Tiwari
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