विधानपरिषद में उठी फिल्म पद्मावती पर प्रतिबंध लगाने की मांग

विधानपरिषद में उठी फिल्म पद्मावती पर प्रतिबंध लगाने की मांग

रानी पद्मावती के चित्रण को लेकर उपजे विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि राजपूत समाज ने इस फिल्म के खिलाफ राज्य में भी प्रदर्शन किया है

बेंगलूरु। रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण अभिनीत हिंदी फिल्म पद्मावती का मसला गुरुवार को राज्य विधान परिषद में भी उठा। भाजपा के सदस्य लहर सिंह सिरोया ने सदन में इस मामले को उठाया। शून्यकाल के दौरान सिरोया ने फिल्म की पटकथा और उसमें रानी पद्मावती के चित्रण को लेकर उपजे विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि राजपूत समाज ने इस फिल्म के खिलाफ राज्य में भी प्रदर्शन किया है। उन्होंने फिल्म के प्रदर्शन पर राज्य में रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि अगर इसे रिलीज किया जाता है, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। मूलत: मेवाड़ के रहने वाले सिरोया ने सदन में कन्नड़ में अपनी बात रखते हुए कहा कि राजपूत समाज रानी पद्मावती का काफी सम्मान करता है, लेकिन फिल्म में चित्तौड़ की रानी के चरित्र हनन की कोशिश की गई है।

सिरोया ने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से पेश किए जाने के कारण पूरे देश में राजपूत समाज इस फिल्म के प्रदर्शन का विरोध कर रहा है। बेंगलूरु में भी राजपूत समाज ने इसके खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया है। सिरोया ने सरकार से एक बार फिर राज्य में फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की अपील करते हुए कहा कि इसमें पद्मावती के चरित्र को गलत तरीके से चित्रित किया गया है। सिरोया के वक्तव्य पर बयान देते हुए गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार को किसी फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रदर्शन के बारे में फैसला सेंसर बोर्ड को करना होता है और उसका फैसला ही अंतिम होता है।

रेड्डी ने सिरोया से मुखातिब होते हुए कहा कि न तो आपने और ना ही हमने फिल्म देखी है और ना ही जानते हैं कि उसमें वास्तविक तौर पर क्या दर्शाया गया है। अब ऐसी स्थिति में सरकार कैसे कोई फैसला कर सकती है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को इस बारे में निर्णय लेने दीजिए और हम इस मामले को देखेंगे। रेड्डी ने कहा कि जहां तक कानून-व्यवस्था की स्थिति का सवाल है, सरकार फिल्म के प्रदर्शन और उससे पहले भी आवश्यकता पड़ने पर पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त उपलब्ध कराएगी। बाकी दलों के सदस्यों ने भी फिल्म से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचने के मसले पर सिरोया का समर्थन किया। रेड्डी ने सदन को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार लोगों की भावनाओं से केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे।

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