देश में coronavirus का कहर जारी, इन चार राज्यों पर COVID-19 HotSopt बनने का खतरा

  • देश में काफी तेजी से बढ़ रहे हैं coronavirus के मामले
  • चार राज्यों में स्थिति बेहद गंभीर, COVID-19 हॉटस्पॉट बनने का खतरा

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ( coronavirus in India ) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इस महामारी ( COVId-19 ) को लेकर देश में 25 मार्च लॉकडाउन ( India Lockdown ) लागू है। इसके बावजूद कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आलम ये है कि देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा ( coronavirus cases ) 13 लाख के पार पहुंच चुका है। वहीं, कुछ राज्यों में इस महामारी को लेकर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक ( karnataka ), आंध्र प्रदेश ( Andhra Pradesh ), पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) और बिहार ( Bihar ) कोरोना वायरस का अगला हॉटस्पॉट ( HotSpot ) बनने की ओर अग्रसर है।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से इन राज्यों में कोरोना के नए केस ( coronavirus New Cases ) लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लिहाजा, माना जा रहा है कि ये चार राज्य कोरोना के अगले हॉटस्पॉट ( corona HotSpot ) हो सकते हैं। एक मीडिया हाउस के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के 20 सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों से डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें तीन कारणों की तलाश की गई थी। एक बढ़ती सकारात्मकता दर, दैनिक मामलों की उच्च विकास दर और प्रति मिलियन निवासियों द्वारा किए गए कम परीक्षण शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये तीन कारक महाराष्ट्र ( Maharashtra ), तमिलनाडु ( Tamil Nadu ) और दिल्ली ( Delhi ) के लिए भी सामान्य थे, जो शुरुआत में देश में वायरस के प्रसार के सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गए थे। हालांकि, दिल्ली एकमात्र शहर है जहां इन तीन कारकों के पैमाने पर बड़ा बदलाव देखा गया। लेकिन, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में टेस्टिंग की संख्या ज्यादा की गई है। इसके बावजूद पॉजिटिव रेट ( Positive Rate ) यहां लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक महीने में तीन कारकों में से कम से एक कारक का असर इन राज्यों आंध्र प्रदेश ( Andhra Pradesh ), कर्नाटक, पश्चिम बंगाल (West Bengal), बिहार ( Bihar), केरल, झारखंड ( Jharkhand), उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा दिखाई दिया है। इनमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार में सबसे ज्यादा खराब स्थिति है और परिणाम गंभीर होने के आसार हैं। वहीं, तेलंगाना, यूपी और गुजरात ने इस समय अवधि में अपनी डबलिंग रेट में सुधार किया है। लेकिन, टेस्टिंग कम है जिसके कारण माना जा रहा है कि कोरोना के आंकड़े को दबा दिया गया है।

वहीं, आंध्र प्रदेश ( coronavirus in Andhra Pradesh ) में देश के सभी राज्यों में सबसे खराब डबलिंग रेट है। उसके बाद केरल ( Kerala ) और कर्नाटक ( Karnataka ) का नंबर है। चिंता की बात ये है कि एक महीने पहले इन राज्यों में पहले से ही राष्ट्रीय औसत (19.3 दिन) की तुलना में दोगुनी दर थी, आगे और नीचे गिर गई है। एक महीने में, आंध्र प्रदेश की डबलिंग रेट 13.2 दिनों से गिरकर 7 दिन हो गई। केरल में 28 दिनों से 11 दिनों तक गिर गई और कर्नाटक में यह 17 दिन से घटकर 11.5 दिन रह गई है। वहीं, झारखंड और बिहार दोनों ने अपनी डबलिंग रेट में भारी गिरावट दर्ज की है। झारखंड का डबलिंग रेट एक महीने में 30.9 दिन और बिहार में 27.9 दिन से घटकर 12.9 हो गया है। पिछले 30 दिनों में, केवल पांच राज्यों - दिल्ली, तेलंगाना, हरियाणा (Haryana), तमिलनाडु और यूपी ने अपनी दोहरीकरण दर में सुधार किया है। दिल्ली में एक महीने में 13 दिन से लेकर 76.6 दिन तक की दर में सुधार हुआ है। लिहाजा, इन चार राज्यों मेॆं खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

Kaushlendra Pathak
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