Global Hunger Index 2020: पाकिस्तान समेत कई पड़ोसी देशों से भारत पीछे, 14 फीसदी आबादी कुपोषण का शिकार

  • Global Hunger Index 2020: 107 देशों में 94वें नंबर पर भारत
  • भारत में 14 फीसदी आबादी कुपोषण का शिकार, पड़ोसी देश बेहतर स्थित में

नई दिल्ली। ग्लोबर हंगर इंडेक्स ( Global Hunger Index 2020 ) ने साल 2020 का रिपोर्ट जारी कर दिया है। इस साल की रैंकिंग में भारत (India) को 94वें पायदान पर रखा गया है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में भारत की रैंकिंग (India Ranking in Global Hunger Index ) सुधरी है। लेकिन, पाकिस्तान समेत कई पड़ोसी देश भारत से पीछे हैं। वहीं, भारत में 14 फीसदी आबादी कुपोषण का शिकार है। यहां आपको बता दें कि ग्लोबर हंगर इंडेक्स ने 107 देशों की रैकिंग की है। रिपोर्ट के अनुसार, केवल 13 ऐसे देश हैं, जो भारत से पीछे हैं।

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हंगर इंडेक्स रिपोर्ट में भारत 94वें पायदान पर

ग्लोबल हंगर इंडेक्स का रिपोर्ट हर साल जारी होता है। कंसर्न वर्ल्डवाइड और Welthungerhilfe संयुक्त रूप से मिलकर इस रिपोर्ट को जारी करती है। 2020 में 107 देशों में भारत को ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 94 पायदान पर रखा गया है। जबकि, पिछले साल 117 देशों की लिस्ट में भारत 102 नंबर था। इससे साफ स्पष्ट है कि भारत की स्थिति पिछले साल की तुलना में बेहतर हुई है। लेकिन, बात अगर कुपषोण की जाए तो 14 फीसदी आबादी अब भी इसके शिकार हैं। हैरानी की बात ये है कि भारत के कई पड़ोसी देश इस मामले में उससे बेहतर स्थिति में हैं। इनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, नेपाल जैसे देश शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान 88 नंबर है। जबकि, नेपाल 73, इंडोनेशिया 70 और बांग्लादेश 75वें नंबर पर है। वहीं, जो देश भारत से पीछे हैं उनमें अफगानिस्तान 99 नाइजीरिया 98, लीबिया 102, मोजाम्बिक 103, चाड 107, रवांडा 97 शामिल हैं।

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Global Hunger Index 2020 india ranking 94th

2030 तक पूरी दुनिया को हंगर मुक्त करने का लक्ष्य

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बच्चों की स्टंटिंग रेट 37.4 प्रतिशत है। यहां आपको बता दें कि स्टन्ड बच्चे उन्हें कहते हैं जिनमें भयानक कुपोषण होता है और उम्र की तुलना में उनकी लंबाई कम होती है। गौरतलब है कि हंगर इंडेक्स को मापने के पीछे का लक्ष्य ये है कि पूरी दुनिया साल 2030 तक हंगर मुक्त हो जाए। संयुक्त राष्ट्र के विकास के लक्ष्यों में इंगर इंडेक्स एक है। इससे पता चलता है कि कोई भी व्यक्ति कितने कैलरी ग्रहण कर रहा है।

Kaushlendra Pathak
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