विशेष अदालतों में होगी बेनामी संपत्ति के मामलों की सुनवाई, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना

विशेष अदालतों में होगी बेनामी संपत्ति के मामलों की सुनवाई, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना

बेनामी लेनदेन कानून के अंतर्गत अपराधों की सुनवाई के लिए 34 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों की सत्र अदालतों को अधिसूचित किया गया है। केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की है।

नई दिल्ली। बेनामी लेनदेन कानून के अंतर्गत अपराधों की सुनवाई के लिए 34 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों की सत्र अदालतों को अधिसूचित किया गया है। केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी की है।

वित्त मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जारी अधिसूचना में बताया गया है कि बेनामी संपत्ति लेनदेन रोकथाम अधिनियम 1988 के तहत सुनवाई के लिए इन सत्र अदालतों को अधिसूचित किया गया है। इन्हें संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के साथ परामर्श के बाद सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में स्थापित किया गया है।

 

अधिसूचना के मुताबिक दिल्ली के हर जिले में द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत को स्पेशल कोर्ट बनाया गया है। बेनामी संपत्ति कानून के मुताबिक जितने तेजी से हर मुकदमे की सुनवाई संभव हो, उसे किया जाए। शिकायत दर्ज करने के छह माह के अंदर ही विशेष अदालत हर संभव प्रयास कर सुनवाई पूरी करे।

गौरतलब है कि बेनामी लेनदेन उन सौदों को कहा जाता है जो संदिग्ध नामों से किए जाते हैं, या फिर संपत्ति के मालिक को मालिकाना हक की जानकारी ही नहीं होती, या फिर लेनदेन में भुगतान करने वाला पक्ष संपर्क में ना हो।

अगस्त 2016 में काले धन पर रोक लगाने के मकसद से संसद ने बेनामी लेनदेन (रोकथाम) अधिनियम को पारित किया था। इस अधिनियम के लागू होने के बाद सभी नियम एवं प्रावधान 1 नवंबर 2016 से प्रभावी हो गए थे।

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