कच्छ का पैसा केन्या ले जा रहे हैं गुजराती, कार्रवाई के डर से खाली कर रहे बैंक खाते

कच्छ का पैसा केन्या ले जा रहे हैं गुजराती, कार्रवाई के डर से खाली कर रहे बैंक खाते

विदेश जा चुके लोग खाली कर रहे अपने बैंक खाते, सरकार की कार्रवाई के डर से कच्छ का पैसा केन्या के बैंक खातों में कर रहे ट्रांसफर

नई दिल्ली। केन्या में रह रहे अप्रवासी अपने मूल देशों में स्थित पुराने बैंक खातों को खाली करने में लगे हुए हैं। इनमें भारतीयों (एनआरआइ) की भी तादाद ज्यादा है। दरअसल पिछले कुछ समय में भारतीय बैंक खातों से पैसे की निकासी और केन्या के बैंक खातों में जमा रकम में लगातार बढ़ोतरी हुई है। जो इस बात को और पुख्ता कर रही है कि कच्छ का पैसा अब केन्या ले जाया जा रहा है।

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इस वजह से खाली कर रहे खाते
2018-19 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून-2018) में कच्छ के बैंकों से करीब 450 करोड़ रुपए केन्या ट्रांसफर हुए हैं। इसके पीछे केन्या सरकार की नई नीति की अहम भूमिका है। लोगों में डर है कि सरकार विदेशी बैंक खातों में जमा धन पर जुर्माना और ब्याज दोनों वसूल सकती है।

अब तक 1000 करोड़ निकाले
बैंक अधिकारियों के मुताबिक दिसंबर, 2017 से अब तक 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम निकाली जा चुकी है। ज्यादातर रकम भुज और मांडवी से निकाली गई है। केन्या में रह रहे भारतीयों में ज्यादा संख्या गुजरातियों की है। कच्छ के बैंकों में नॉन रेजिडेंट गुजराती का जमा पैसा 2017-18 की आखिरी तिमाही में 12,302 करोड़ था जो जून 2018 में घटकर 11,872 करोड़ रुपए रह गया है।

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यह है केन्या सरकार की नई नीति
दरअसल, केन्या सरकार ने हाल ही में एक नियम जारी किया है। इसके तहत सभी करदाताओं और नागरिकों के लिए विदेशों में जमा धन को घोषित करना अनिवार्य है। इसके लिए एक तारीख घोषित कर दी गई है। इसके बाद आय घोषित करने की स्थिति में उस पर जुर्माना और टैक्स वसूला जाएगा। केन्या में रहने वाले एक गुजराती उद्यमी के मुताबिक पहले यह डेडलाइन 30 जून, 2018 थी। अब इसे 31 दिसंबर, 2018 तक बढ़ा दिया गया है।

 

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