कोरोना के डर के बीच घर वापसी का दर्द: भूखे-प्यासे मजदूर, सैकड़ों किलोमीटर सफर को मजबूर

HIGHLIGHTS

  • लॉकडाउन के बीच व्यापार बंद होने के बाद हजारों लोग घर वापसी कर रहे हैं
  • हजारों मजदूर भूखे-प्यासे सैकड़ों किलोमीटर सफर कर घर लौट रहे हैं

नई दिल्ली। कोरोना वायरस जहां हजारों लोगों की जान ले चुका है, वहीं इसकी दशहत से हजारों मजदूर भूखे-प्यासे सैकड़ों किलोमीटर के सफर पैदल चलने को मजबूर है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल है।

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते केन्द्र सरकार ने देशभर में लॉकडाउन कर रखा हैै। इसके चलते फैक्ट्री और अन्य तरह के व्यापार के बंद होने के बाद हजारों लोग घर वापसी कर रहे हैं। ऐसे मजदूरों को उनके कार्यस्थल वाले शहरों में रोकने के सरकार के प्रयास सफल नहीं हो रहे हैं। जबकि शुक्रवार को लॉक डाउन का तीसरे दिन था। जयपुर-दिल्ली हाइवे पर अलग-अलग जगह शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में मजदूर अपने घरों की ओर लौटते दिखे।

हाथों में सिलेण्डर-चूल्हे भी

घर वापसी कर रहे मजदूर हाथों में बैग, कंधे पर सामान से भरा कट्टा और गैस सिलेण्डर, चूल्हे भी लेकर चल रहे हैं।

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बांसवाड़ा से आगरा का पैदल सफर

मनोहरपुर के पास कानपुर निवासी नीरज बांसवाड़ा में फैक्ट्री बंद होने के बाद अपने साथियों के साथ पिछले दो दिन से पैदल आगरा की ओर जाते मिले। इस दौरान वह करीब 500 किलोमीटर से अधिक चल चुके हैं। वर्मा ने बताया कि बांसवाड़ा में फैक्ट्री में बेलदारी करते हैं। बंद होने के बाद खाने-पीने का इंतजाम नहीं हो रहा था। ऐसे में हमें अपने घर जाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था।

पानी तक नहीं मिल रहा

बावल में एक कंपनी बंद होने के बाद वहां फैजाबाद निवासी दीपक वर्मा समेत करीब 40 से अधिक युवक पैदल घर जाते मिले। उन्होंने बताया कि कंपनी बंद होने के बाद बावल में उन्हें पीने का पानी तक नहीं मिल रहा। मकान मालिक ने भी कह दिया कि ऐसे कब तक चलेगा और घर लौटने की सलाह दी।

सेठ ने भगाया, पुलिस ने मारे डंडे

अपने बेटे को कंधे पर बिठाकर ले जा रहे नसीम खान ने बताया कि कंपनी बंद होने के बाद जयपुर से उनके सेठ ने भगा दिया। अब मुरादाबाद घर जा रहे हैं। जबकि उनके साथ चल रहे मुकीम ने नम आंखों के साथ लडख़ड़ाती आवाज में कहा कि दो दिन से किसी ने खाना नहीं खाया है। हम 30 लोगों को एक गाड़ी मिल गई थी, उसे पुलिस ने रोक लिया और हमें डंडे मारकर उतार दिया। अब पैदल जा रहे हैं।

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फरिश्ता बनी दिल्ली पुलिस

दिल्ली सीमा में प्रवेश करते ही ऐसे पदयात्रियों का दिल्ली पुलिस सब्जी-पुढ़ी, बिस्किट और पानी से कर रही है। गुरुग्राम से दिल्ली सीमा पर पुलिसकर्मियों ने आपसी सहयोग से यह इंतजाम किया है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि लोग कई किलोमीटर भूखे-प्यासे पैदल चल रहे है। यदि किसी के पास पैसा भी है तो भी वह कुछ नहीं खरीद सकता है। इसलिए यह इंतजाम किए गए हैं।

(संवाददाता शादाब अहमद की रिपोर्ट)

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Anil Kumar
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