जयपुर—आगरा रोड स्थित महुआ में हाईवे के किनारे अधिकांश शिक्षित युवा बेरोजगार मधुमक्खी पालने का कार्य कर रहे हैं! मधुमक्खी पालन उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा शिक्षित युवा बेरोजगारों को 8-10 लाख रूपए तक का लोन दिया जा रहा है। इन पेटियों में लगी ट्रे पर मधुमक्खी छत्ता बनाती है, ट्रे के भर जाने पर शहद निकाल लिया जाता है । औसतन यह मधुमक्खियां 10 से 15 दिन में शहद इकट्ठा कर लेती हैं,जो आसपास के वातावरण में फूलों की उपस्थिति पर निर्भर करता है। सभी फोटो :- रघुवीर सिंह

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