केरल रेप केस: आरोपी बिशप के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने वाली नन का चर्च ने निलंबन वापस लिया

इस फैसले के बाद नन की जश्न मनाती हुईं तस्वीरें भी सामने आईं हैं।

तिरुवनंतपुरम। केरल का रेप मामला देश में गर्माया हुआ है। आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ नन्स ने भी आवाज उठाई। जिसके बाद चर्च ने प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली एक नन को निलंबित कर दिया। अब चर्च ने सिस्टर लूसी कलप्पुरा का निलंबन वापस ले लिया है। चर्च अधिकारियों ने सिस्टर लूसी पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को खत्म कर दिया है। इस फैसले के बाद नन की जश्न मनाती हुईं तस्वीरें भी सामने आईं। जिसमें उनके साथ कुछ लोग भी दिखाई दे रहे हैं। हक मिलने की खुशी सिस्टर के चेहरे पर साफ झलक रही है। गौरतलब है कि चर्च की सिस्टर के निलंबन की फैसले की खूब आलोना हुई। कुछ लोगों ने सिस्टर के निलंबन का विरोध करते हुए नन के हक में आवाज बुलंद की। अब इस फैसले पर सिस्टर लूसी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह सच बोलने से नहीं डरी।

केरल नन रेप मामला: आरोपी बिशप मुलक्कल को 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा

 

क्या था मामला?

सिस्टर लूसी पर धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोक लगा दी थी। सेंट मेरी चर्च के पादरी फादर स्टीफन ने आदेश देते हुए सिस्टर लूसी को धर्म संबंधी प्रश्नोत्तरी कक्षा और पवित्र भोज वितरण से दूर कर दिया था। जिसके बाद नन लूसी कलप्पुरा ने अपने निलंबन को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की थी। सिस्टर लूसी ने कहा था, 'मुझे निष्कासित करने से पहले, मेरी गलती क्या है यह बताना चाहिए। मैं अपनी जिम्मेदारियों को आज तक पूरी सक्रियता से पूरा कर रही हूं। यह साफ किया जाना चाहिए कि मुझे निष्कासित क्यों किया गया है?'साथ ही चर्च से निकाली गई नन ने कहा कि चर्च में रेप पर किसी ने आवाज नहीं उठाई, इसलिए उन्हें दुख हुआ। बता दें कि नन्स ने आरोपी बिशप के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिस कारण चर्च प्रबंधन काफी नाराज बताया जा रहा था।

 

 

दो साल तक लगातार रेप करने का आरोप
पीड़िता ने मुलक्कल पर 2014 से 2016 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। उसी समूह की पांच अन्य ननों ने पीड़िता के दावे का समर्थन किया है। बिशप के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और 114-पृष्ठों का एक विस्तारित बयान पीड़िता और कान्वेंट (मठ) की अन्य ननों से लिया गया है। मुलक्कल ने हालांकि इन अरोपों से इनकार किया है और इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है। वहीं आरोपी बिशप को पूछताछ के बाद सोमवार को अदालत में पेश किया गया। जहां उन्हें 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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Saif Ur Rehman
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