मौत से पहले corona मरीज ने बनाया VIDEO, कही ऐसी बात जिसकी आप कल्पना तक नहीं कर सकते

  • देश में काफी तेजी से बढ़ रहे हैं coronavirus के मामले
  • Hyderabad में मरने से पहले COVID-19 के मरीज ने जारी किया चौंकाने वाला VIDEO
  • पिता को भेजे VIDEO संदेश में मरीज ने हॉस्पिटल को लेकर किए बड़े खुलासे

नई दिल्ली। पूरा देश इन दिनों कोरोना वायरस ( coronavirus ) से ग्रसित है। इस महामारी को रोकने लिए देश में लॉकडाउन ( Lockdown ) लागू है। इसके बावजूद कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं, हैदराबाद ( Hyderabad ) से COVID-19 को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सनसनी मचा दी है। मरने से पहले कोरोना मरीज ने एक वीडियो ( VIDEO ) जारी किया, जिससे सनसनी मच गई है। जानिए, क्या है पूरा मामला...

कोरोना मरीज का चौंकाने वाला संदेश

देश में COVID-19 का आंकड़ा पांच लाख के पार पहुंच गया है। वहीं, मरने वालों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। हैदारबाद ( coronavirus in hyderabad ) के एक हॉस्पिटल में कोरोना मरीज की मौत हो गई है। लेकिन, मरने से पहले 34 साल के कोरोना मरीज ने परिजनों को वीडियो मैसेज ( VIDEO Message ) भेजा था। वीडियो मैसेज में रवि कुमार ( Ravi Kumar) नामक कोरोना मरीज ने कहा कि डैडी मुझे सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है। तीन घंटे से मुझे हॉस्पिटल वाले ऑक्सीजन ( Oxygen ) नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है। इतना ही नहीं बार-बार कहने पर भी मेरा वेंटिलेटर ( Ventilator ) हटा दिया गया। रवि ने कहा कि अब मैं ठीक से सांस भी ले रहा हूं पापा और ऐसा लग रहा है कि मेरी धड़कने रुक रही है। बाय पापा बाय...

मृतक के परिजन ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मृतक रवि के परिजन का आरोप है कि हॉस्पिटल ( Hyderabad Hospital ) की लापरवाही के कारण मेरा बेटा तड़पता रहा। उसे सांस लेने में काफी दिक्कत हुई और दिल की धड़कन रुकने का भी उसे अहसास था। रवि के पिता वेंकटेश ( Venktesh ) ने कहा कि इस लापरवाही के कारण ही उसकी मौत हो गई। उन्होंने एक वीडियो जारी कर तेलंगाना सरकार ( Telangana Government ) की खामियां गिनाई हैं। वेंकटेश ने कहा कि मेरा बेटा 100-101 डिग्री बुखार से तप रहा था। 23 तारीख को हम उसे हॉस्पिटल ले गए तो कहा गया कि उसमें कोरोना के लक्षण हैं। हॉस्पिटल वालों ने कहा कि सरकार का आदेश है कि हम उसे नहीं देख सकते हैं। रवि के पिता ने कहा कि हम कई हॉस्पिटल के चक्कर लगाए। लेकिन, कोई एडमिट करने के लिए तैयार नहीं था। बाद में एक चेस्ट हॉस्पिटल ने उसे एडमिट किया। लेकिन, उस हॉस्पिटल में आखिर क्या हुआ। उसका ऑक्सीजन क्यों हटाया गया। जबकि, उसकी कोरोना रिपोर्ट तक नहीं आई थी। वहीं, हॉस्पिटल का प्रशासन ने इन आरोपों को निराधार बताया है। सुपरिंटेंडेंट ( superintendent ) महबूब खान ( Mehboob Khan ) ने कहा कि जब उसे एडमिट किया गया था तो उसकी तबीयत ज्यादा खराब थी और हमने न तो ऑक्सीजन और न ही वेंटिलेटर निकाला था। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार के बाद उसमें कोरोना की पुष्टि हुई थी।

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