IAF AN-32 विमान के मलबे से शवों को निकालने का काम जारी, CVR और FDR बरामद

IAF AN-32 विमान के मलबे से शवों को निकालने का काम जारी, CVR और FDR बरामद

Dhiraj Kumar Sharma | Publish: Jun, 14 2019 03:04:43 PM (IST) | Updated: Jun, 14 2019 06:01:25 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

  • वायुसेना के विमान AN-32 को लेकर बड़ा अपडेट
  • शहीद सैनिकों के शव निकालने का काम जारी
  • क्रैश साइट से बरामद हुए CVR और FDR

नई दिल्ली। वायुसेना के विमान AN-32 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। गुरुवार को क्रैश साइट पर मिले सभी शवों को अब तक निकाला नहीं जा सका है। iaf ने शुक्रवार को विमान से जुड़ी ताजा जानकारी साझा करते हुए लिखा है कि विमान AN-32 क्रैश साइट पर टीम लगातार अपना काम कर रही है। अब तक यहां से कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (एफडीआर) को बरामद कर लिया गया है।

हो सकते हैं अहम खुलासे

सर्च टीम ने जिन CVR और FDR को बरामद किया है, इनके जरिये भी कई जानकारियां हाथ लग सकती हैं। मसलन इन डिवाइस के जरिये उस दौरान हुई बातचीत या फिर क्रू मेंबर की ओर से की गई कोशिश के बारे में पता चल सकता है।

हालांकि ये देखना जरूरी होगा कि मलबे से बरामद हुए CVR और FDR की हालत कैसी है? अगर इन्हें नुकसान नहीं हुआ होगा तो इनसे कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

ऐसे क्रैश साइट तक पहुंची टीम

वायुसेना के विमान AN-32 तक पहुंचना इतना आसान नहीं था। अरुणाचल प्रदेश में सियांग और शी योमी जिलों की सीमा पर गट्टे गांव के पास, समुद्र तल से 12,000 फुट की ऊंचाई पर सबसे पहले वायु सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर ने इस विमान का मलबा देखा।

मलबा देखे जाने के बाद वायु सेना के पर्वतारोहण दल में से नौ कर्मी, सेना के चार और दो असैन्य पर्वतारोहियों को रवाना किया गया था। आठ दिनों के अभियान और विभिन्न एजेंसियों की खोज के बाद मलबा दिखा था।

कई राज उगलेगा ब्लैक बॉक्स

गुरुवार देर शाम सेना को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी। विमान AN-32 में रखा ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया। दरअसल इस ब्लैक बॉक्स के जरिये ये कई बड़ी जानकारियां हाथ लग सकती हैं।

विमान लापता होने से पहले आखिर क्या हुआ? संपर्क टूटने के वक्त क्रू मेंबर्स ने क्या किया ऐसी तमाम जानकारियां इस ब्लैक बॉक्स के जरिये हासिल की जा सकती है। फिलहाल टीम इस बॉक्स की पड़ताल में जुटी है।

FDR

आपको यह भी बता दें कि ये बॉक्स पूरी तरह टाइटेनियम ( मजबूत धातु) से बना होता है और इसे इसी धातु से बने शेल्फ में रखा जाता है। ताकि विमान के हजारों फीट की ऊंचाई से गिरने या समुद्र में जाने पर इसे नुकसान ना पहुंचे। इस बॉक्स के जरिये ही विमान में हुई हर हलचल का पता लगाया जा सकता है।

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