2+2 वार्ता का बड़ा असर, अब उत्तराखंड में भारत-अमरीका की सेनाएं करेंगी साझा युद्धाभ्यास

2+2 वार्ता का बड़ा असर, अब उत्तराखंड में भारत-अमरीका की सेनाएं करेंगी साझा युद्धाभ्यास

इस साल युद्धाभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं की तरफ से करीब 350 सैनिक शामिल होंगे, जबकि पहले 200 सैनिक ही शामिल होते थे।

देहरादून। अमरीका के साथ भारत के अच्छे रिश्तों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहम योगदान रहा है। उन्होंने समय-समय पर दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूत किया है। हाल ही में राजधानी दिल्ली में भी शीर्ष स्तर पर हुई 2+2 वार्ता के सफल परिणाम के बाद अब दोनों देशों की आर्मी इन रिश्तों को मजबूत करने में लग गई है। दरअसल, ऐसी जानकारी है कि आने वाले कुछ दिनों भारत और अमरीका की सेनाएं उत्तराखंड में संयुक्त युद्धाभ्यास करेंगे और इसके लिए दोनों देशों की सेनाओं ने तैयारी भी शुरू कर दी है।

इस साल की प्रैक्टिस को किया जा रहा है अपग्रेड

जानकारी के मुताबिक, 16 से 29 सितंबर के दौरान उत्तराखंड के चौबटिया में भारत और अमरीका की सेनाएं वार्षिक युद्धाभ्यास में शामिल होंगी। आपको बता दें कि दोनों देश रणनीतिक साझेदारी के तहत द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास में भाग लेते हैं। खास बात यह है कि इस साल के युद्धाभ्यास को अपग्रेड कर बटैलियन स्तर की फील्ड ट्रेनिंग एक्सर्साइज़ (FTX) और एक डिविजन स्तर की कमांड पोस्ट एक्सर्साइज़ (CPX) कर दिया गया है।

इस बार 350 सैनिक होंगे शामिल

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 'इस साल युद्धाभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं की तरफ से करीब 350 सैनिक शामिल होंगे, जबकि पहले 200 सैनिक ही शामिल होते थे।' भारतीय सेना ने कहा कि हम इस महत्वपूर्ण अभ्यास के लिए 15 गढ़वाल राइफल्स को उतारेंगे, जिसका फोकस आतंक विरोधी अभियान पर होगा। पिछले साल संयुक्त युद्धाभ्यास अमेरिका में लुईस-मैकॉर्ड जॉइंट बेस पर हुआ था।

इससे पहले पिछले रूस के साथ हुआ था ऐसा युद्धाभ्यास

एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, भारत और अमरीका ने अगले साल देश के पूर्वी तट पर अपना पहला मेगा ट्राई-सर्विस अभ्यास करने का फैसला किया है। यह केवल दूसरी बार होगा जब भारत अपनी सेना, नौसेना और वायुसेना के संसाधनों और मैनपावर को किसी दूसरे देश के साथ युद्धाभ्यास के लिए तैनात करेगा। इससे पहले भारत ने रूस के साथ पिछले साल व्लादिवोस्तोक में ऐसा युद्धाभ्यास किया था।

2+2 वार्ता के सफल परिणाम के बाद हो रहा है युद्धाभ्यास

आपको बता दें कि गुरुवार को 2+2 वार्ता के दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था, 'आज, भारत की डिफेंस फोर्सेज अमरीका के साथ मिलकर व्यापक प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यास करती हैं। हमारे संयुक्त अभ्यास ने नए आयाम स्थापित किए हैं। इस सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए हमने पहली बार तीनों सेनाओं को शामिल करते हुए 2019 में पूर्वी भारत के तट पर अमेरिका के साथ संयुक्त अभ्यास करने का फैसला किया है।'

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