भारत सरकार की China को दो टूक, एकतरफा कार्रवाई अस्वीकार्य

  • सीमा विवाद ( India-China standoff ) के बाद एलएसी पर यथास्थिति में एकतरफा बदलाव स्वीकार नहीं करेगा भारत।
  • विदेश मंत्रालय ( MEA ) ने साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान कहा भारत एलएसी ( Line of Actual Control ) के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध।
  • चार दौर की सैन्य वार्ता हो चुकी है और डब्ल्यूएमसीसी की बैठक भी जल्द होने वाली है, फिर भी Chinese Army को लेकर बवाल जारी।

 

नई दिल्ली। भारत ( Indian Government ) ने गुरुवार को कहा कि वह चीन ( China ) के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा ( Line of Actual Control ) पर यथास्थिति में बदलाव की किसी भी एकतरफा कार्रवाई स्वीकार नहीं करेगा। विदेश मंत्रालय ( MEA ) की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत एलएसी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उसका सम्मान करता है। हम एलएसी में किसी भी प्रकार की एकतरफा यथास्थिति में बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

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बता दें कि विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि लद्दाख ( Ladakh ) में सीमा के मुद्दे ( India-China standoff ) पर भारत-चीन के बीच जारी चर्चा में गतिरोध उत्पन्न हो गया है।

अपने 26 जून के बयान को याद करते हुए श्रीवास्तव ने कहा, "मैंने देखा था कि इस वर्ष चीनी सेनाओं ( Chinese Army ) का संचालन सभी आपसी समझौतों की पूर्ण अवहेलना है। इसमें भारी तादाद में सैनिकों की तैनाती और व्यवहार में बदलाव के साथ-साथ अनुचित और अस्थिर दावे भी शामिल हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति के आधार वास्तविक नियंत्रण रेखा का आदर करना है और उसका पालन करना है। वर्ष 1993 के बाद से इस दिशा में कई समझौते का कड़ाई से पालन किया गया है। दोनों पक्ष इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए स्थापित राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से लक्ष्य प्राप्त करने में लगे हुए हैं।

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श्रीवास्तव ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में शांति भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों का आधार है। इसलिए चीन से यह उम्मीद है कि वह विशेष प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति के आधार पर सीमावर्ती क्षेत्रों में पूरी तरह से तय समझौते के मुताबिक पीछे हटेंगे और शांति स्थापित करेंगे।

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच वरिष्ठ कमांडर स्तर की वार्ता का चौथा दौर 14 जुलाई को संपन्न हुआ था। इस दौरान दोनों देशों ने तनावग्रस्त क्षेत्र में सेनाओं के पीछे पीछे हटने पर चर्चा की। इसके अलावा भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की बैठक जल्द होने वाली है।

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अमित कुमार बाजपेयी
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