राजभाषा पुरस्कारों से इंदिरा व राजीव गांधी के नामों की छुट्टी

राजभाषा पुरस्कारों से इंदिरा व राजीव गांधी के नामों की छुट्टी

कांग्रेस ने इस कदम को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया

नई दिल्ली। हिंदी दिवस पर दिए जाने वाले राजभाषा पुरस्कारों के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नामों को हटा दिया गया है। केन्द्र सरकार ने इन पुरस्कारों के नाम बदल दिए गए हैं। ये पुरस्कार सरकार में हिंदी के प्रगतिशील तरीके से उपयोग के लिए दिए जाते हैं। कांग्रेस ने इस कदम को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया।

25 मार्च 2015 के गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 1986 में शुरू किए गए इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार का नाम राजभाषा कीर्ति पुरस्कार और राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार का नाम राजभाषा गौरव पुरस्कार कर दिया गया है। यह आदेश गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पूनम जुनेजा की ओर से जारी किया गया है। इस बारे में केन्द्रीय गृहराज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने बताया कि, इस फैसले में कोई राजनीति नहीं है और यह पूरी तरह से प्रशासनिक फैसला है।

गृह मंत्रालय की ओर से 300 दिन की उपलब्घियों पर जारी बुकलेट में भी इसका जिक्र किया गया है। गृह मंत्रालय के इस आदेश को सभी राज्यों, मंत्रालयों, प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रपति सचिवालय को भी भेजा गया है। यह पुरस्कार 14 सितम्बर को राष्ट्रपति द्वारा दिए जाएंगे। नए आदेश के तहत राजभाषा कीर्ति पुरस्कार योजना के तहत 39 शील्ड्स दी जाएगी। राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना के तहत ज्ञान विज्ञान पर लिखने वाले नागरिकों को 10 हजार से दो लाख रूपये के 13 पुरस्कार दिए जाएंगे। 
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