करतारपुर कॉरिडोर: कमेटी में गोपाल चावला के नाम पर भारत ने पाक से मांगा जवाब, उच्चायुक्त को भी किया तलब

  • पाकिस्तान ने तीन दिन पहले बनाई थी समिति
  • समिति में शामिल किए हुए हैं कई विवादित चेहरे
  • भारत ने चिंता जाहिर कर मांगी सफाई

नई दिल्ली। करतारपुर कॉरिडोर मामले को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय से बड़ी खबर आ रही है। जानकारी के मुताबिक मंत्रालय ने पाकिस्तान से इस गलियारे से संबंधित समिति में कुछ आपत्ति जताई है और आने वाले महीने में इस विषय पर एक बार फिर मुलाकात करने की संभावना जताई है। इसके साथ ही भारत की ओर से पाक से स्पष्टीकरण की भी मांग की गई है।

 

समिति में शामिल कुछ विवादित चेहरे

मंत्रालय के मुताबिक भारत को रिपोर्ट मिली है कि पाकिस्तान ने करतापुर कॉरिडोर के लिए बनाई गई समिति में कुछ विवादित तत्व शामिल किए गए हैं। भारत ने इस बारे में अपनी चिंता जाहिर करते हुए पाक से सफाई की मांग की है। इसके साथ ही अगले महीने भी भारत ने एक अन्य बैठक की इच्छा जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कॉरिडोर के बुनियादी ढांचे के विकास को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मध्य अप्रैल में तकनीकी विशेषज्ञों की एक और बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें पिछली बैठक में जिन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई थी, उनका हल निकालने की कोशिश की जाएगी।

 

गोपाल चावला जैसे चेहरे समिति में शामिल

मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान से जवाब मिलने के बाद बैठक का सही समय निर्धारित की जाएगी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक तीन दिन पहले पाकिस्तान कैबिनेट ने कॉरिडोर से संबंधित एक समिति का गठन किया था। इसके बाद इस समिति में गोपाल चावला और बिशेन सिंह जैसे विवादित नाम को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई, जिसपर भारत ने पाक राजदूत को तलब कर सफाई मांगी। आपको बता दें कि गोपाल चावला लश्कर ए तैयबा से संबंधित है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक किसी भी हाल में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है। इसलिए भारत को उम्मीद है कि पाकिस्तान इस पर संज्ञान लेगा। सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि एक बार सुरक्षा मुद्दे का हल निकल जाता है तो इस विषय पर बात आगे बढ़ाई जा सकती है।

 

भारत की इस कॉरिडोर को लेकर मांगें

इसके अलावा यह भी संभावना जताई जा रही है कि बैठक में यह मांग उठाई जाएगी की कॉरिडोर से रोजाना 5000 और किसी खास मौके पर 15 हजार श्रद्धालुओं को यात्रा करने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा इस गलियारे से हर धर्म के लोगों को यात्रा करने की अनुमित दी जानी चाहिए। साथ कॉरिडोर हफ्ते के सातों दिन खुला हो और OCI कार्डधारकों को यात्रा करने की अनुमति देने का भी प्रस्ताव रखा गया है। भारत ने अपनी मांगों के साथ ही पाक के सामने यह भी साफ कर दिया है कि यह कॉरिडोर भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

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Shweta Singh Content
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