हनीट्रैप: वायुसेना का ग्रुप कैप्टन ISI के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार

Dhirendra Mishra

Publish: Feb, 09 2018 10:59:03 (IST) | Updated: Feb, 09 2018 11:41:20 (IST)

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हनीट्रैप: वायुसेना का ग्रुप कैप्टन ISI के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार

ISIS के लिए जासूसी करने के आरोप में भारतीय वायुसेना का ग्रुप कैप्‍टन गिरफ्तार।

नई दिल्ली. दिल्‍ली पुलिस की विशेष शाखा ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने व उसको गोपनीय दस्तावेज मुहैया कराने के आरोप में वायु सेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक कुछ माह पहले ISI के एक एजेंट ने लड़की बनकर अरुण मारवाह से संपर्क किया था। इसके बाद दोनों में फोन पर लगातार बातें होने लगी। दोनों एक दूसरे को अश्‍लील मैसेज भेजते थे। लड़की के रूप में ISIS एजेंट ने ग्रुप कैप्‍टन को पूरी तरह अपने जाल में फंसाने के बाद उनसे कई गोपनीय दस्तावेज की मांग की, जिसे मारवाह ने मुहैया कराया।

जांच में दोषी करार
यह मामला दस्‍तावेज लीक होने के बाद सामने आया। कुछ सप्‍ताह पहले एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने आंतरिक जांच बैठा दी। जांच में मारवाह की जासूसी में लिप्‍त पाया गया। उसक बाद एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से इसकी शिकायत की। पटनायक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल को इसकी जांच सौंप दी। स्पेशल सेल ने बृहस्पतिवार सुबह मुकदमा दर्ज कर अरुण मारवाह को गिरफ्तार कर लिया।

पांच दिन की रिमांड
पुलिस ने ग्रुप कैप्‍टन को गिरफ़तार करने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य महानगर दंडाधिकारी दीपक सहरावत ने फिलहाल उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड मिलने के बाद स्पेशल सेल ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया है। स्पेशल सेल उनसे पूछताछ कर लड़की बनकर भेंट करने वाले आइएसआइ एजेंट व कौन-कौन से गोपनीय दस्तावेज उसे मुहैया कराए गए हैं, इस बारे में पता लगा रही है।

ग्रुप कैप्‍टन वायुसेना के हेडक्‍वार्टर में तैनात

ग्रुप कैप्‍टन वायुसेना के हेडक्‍वाटर्र में तैनात था। जानकारी के मुताबिक वायुसेना के केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच दल ने एक नियमित जासूसी रोधी चौकसी के दौरान पाया कि ग्रुप कैप्‍टन अनधिकृत इलेक्ट्रानिक उपकरणों के जरिए अवांछित गतिविधियों में लिप्त था।

10 दिनों की पूछताछ के बाद गिरफ्तार
वायुसेना मुख्यालय में तैनात रहे ग्रुप कैप्टन को काउंटर इंटेलिजेंस विंग की ओर से करीब 10 दिनों तक की गई पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। वायुसेना की तरफ से मिली शिकायत के आधार पर ही उसे गिरफ्तार किया गया है।

हनीट्रैप का पहला मामला नहीं
यह पहला मौका नहीं है कि जब वायुसेना का कोई अधिकारी जासूसी में गिरफ्तार हुआ है। इससे पहले भी कई अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साल 2015 में केके रंजीत नाम के एक एयरमैन को जासूसी के आरोप में गिऱफ्तार किया गया था। आपको बता दें कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI भारत में जासूसी करने के लिए हनीट्रैप का सहारा लेती रही है। हैरानी की बात तो यह है कि भारतीय जवान आसानी से पाकिस्तान के इस जाल में फंस जाते हैं।

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