International Women's Day 2020 : सेना से लेकर हर क्षेत्र में महिलाओं का दबदबा, कुछ ऐसी है इनकी कहानी

- नारी सम्मान के लिए हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 ( International Women's Day 2020 ) पर थीम 'I am Generation Equality, Realizing Women's Rights' है

- कभी घर की चारदीवारी में रहने को मजबूर महिलाएं ( ( Success Stories of Indian Women ) ) अब हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही है

-पुरुषों के साथ न केवल कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, बल्कि आगे भी निकल रही है

नई दिल्ली।

International Women's Day 2020 : किसी कवि ने क्या खूब लिखा हैं... तोड़ के हर पिंजरा, जाने कब मैं उड़ जाऊंगी, चाहे लाख बिछा लो बंदिशे, फिर भी दूर आसमान मैं अपनी जगह बनाऊंगी, हां गर्व है मुझे मैं नारी हूं...। नारी सम्मान के लिए हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 पर थीम 'I am Generation Equality, Realizing Women's Rights'' है, यानी इस पीढ़ी में मैं पुरुष के समान हूं और मैं अपने हक और अधिकारों को समझ रही हूं। कभी घर की चारदीवारी में रहने को मजबूर महिलाएं ( Success Stories of Indian Women ) अब हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही है। पुरुषों के साथ न केवल कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, बल्कि आगे भी निकल रही है।

01. देश की पहली महिला लड़ाकू पायलट मोहना सिंह

भारतीय वायुसेना की पहली महिला लड़ाकू पायलट बनने का गौरव राजस्थान के झुंझुनूं के गांव की बेटी मोहना सिंह ने हासिल किया। 22 जनवरी 1992 को जन्मी मोहना सिंह का 18 जून 2016 को पहली महिला फायटर पायलट के रूप में चयन हुआ। मोहना सिंह राजस्थान के झुंझुनूं के गांव पापड़ा के जितरवालों की ढाणी निवासी वीरचक्र लांस नायक लादूराम की पोती है। इसके साथ ही मोहना सिंह ने भारतीय सेना में नया इतिहास रच दिया।

02. नेवी की पहली महिला पायलट शिवांगी

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली शिवांगी नेवी में पहली महिला पायलट है। शिवांगी ने 2018 में इंडियन नेवल एकेडमी की परीक्षा पास कर नेवी में कमिशन हुई थी। शिवांगी पहली महिला पायलट है, जो डॉर्नियर सर्विलांस एयरक्राफ्ट को उड़ाएंगी। दिसंबर 2019 में केरल के कोच्चि स्थित सदर्न नेवल कमांड में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद शिवांगी को नेवी में बतौर पायलट तैनाती मिली।

03. भारतीय सेना की मेजर प्रेरणा सिंह

देश की रक्षा करने लिए अब महिलाएं भी आगे आ रही है। कुछ ऐसी ही कहानी है भारतीय सेना में मेजर प्रेरणा सिंह खिंची की। प्रेरणा सिंह का साल 2011 में पहले ही प्रयास में भारतीय सेना में चयन हुआ। 6 साल बाद 17 सितम्बर 2017 को इनका मेजर की पोस्ट पर प्रमोशन हुआ। इसके दादा और नाना भी भारतीय सेना में रहकर सेवाएं दे चुके है। प्रेरणा सिंह का जन्म राजस्थान के जोधपुर में नाथूसिंह व संतोष कंवर के घर पर हुआ। इनकी शादी झुंझुनूं जिले के मंधाता सिंह के साथ हुई। इनके 6 साल की बेटी भी है। यह वर्तमान में पुणे में पोस्टेड हैं।

04. बस चला रही अर्चना

कभी सुना नहीं था कि महिला बस चला सकेगी, लेकिन इस मिथक को हरियाणा के करनाल की रहने वाली अर्चना ने तोड़ दिया। अर्चना को नगर निगम बस की पहली महिला चालक हाेने का गौरव हासिल हुआ। बल्ला गांव की महिला अर्चना करनाल की सड़कों पर नगर निगम की सिटी बस दौड़ा रही है। उन्होंने पहले अपने पति धमेंन्द्र से बात कर हैवी ड्राइविग लाइसेंस बनाया। फिर उसने बस चलाने की नौकरी भी हासिल कर ली। दो साल पहले वह नगर निगम के अधीन शुरू हुई बस सेवा में ड्राइवर के तौर पर कार्यरत हुई। अर्चना को महिला दिवस पर मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया जाएगा।

05. दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर एमपी की बेटी

पर्वतारोही मेघा परमार मध्यप्रदेश की पहली महिला है, जिन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने के बाद ऑस्ट्रेलिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट कोशियासको पर भी फतह पा लिया। मेघा दुनिया के सातों महाद्वीपों में से चार महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंच चुकी है। आपको बता दें कि मेघा सीहोर जिले के भोज नगर की मेघा के किसान पिता दामोदर परमार व मां मंजू देवी की बेटी है।

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