IRCTC ने 34 हजार यात्रियों को भेजा ट्रेन रद्द का गलत मैसेज

ये SMS ट्रेन रवाना होने से पहले ही भेजे गए थे और हजारों यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ी जबकि ट्रेनें रद्द हुई ही नहीं थी

नई दिल्ली। आईआरसीटीसी द्वारा एक ही दिन में 34 हजार से ज्यादा यात्रियों को उनकी गाडियां रद्द होने का गलत मैसेज भेजे जाने की खबर सामने आई है। ये एसएमएस ट्रेन रवाना होने से कुछ घंटे पहले ही भेजे गए थे और इन पर भरोसा कर हजारों यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ी जबकि ट्रेनें रद्द हुई ही नहीं थी। इसके चलते यात्रियों को अब रेलवे की ओर से रिफंड मिलने के आसार भी कम हैं, हालांकि आईआरसीटीसी का कहना है कि अगर रेलवे पूरा रिफंड नहीं करेगा तो इसकी भरपाई वह खुद करेगी।

एक अंग्रेजी अखबार को आईआरसीटीसी के ग्रुप जनरल मैनेजर सुनील मीणा ने बताया कि, 28 मई को हमारी ओर से कई ट्रेनों के कैंसिलेशन के एक लाख से ज्यादा एसएमएस भेजे गए थे। इनमें से 35 हजार लोगों की ट्रेन रद्द नहीं थी। उस समय राजस्थान में गुर्जर आंदोलन चल रहा था और इसके चलते हमने पहल करते हुए मैन्युअल मोड से यात्रियों को एसएमएस अलर्ट भेजे थे जिसके चलते चूक हुई। हालांकि रिकॉर्ड के अनुसार गलत एसएमएस मिलने के बाद भी सबकी ट्रेन नहीं छूटी लेकिन जिनकी भी छूटी उन्हें रिफंड मिलेगा। अनुमान के मुताबिक ऎसे करीब 7000 यात्री हैं।

वहीं रेलवे सूत्रों के अनुसार उस दिन यात्रा छोड़ने वाले हजारों लोगों ने ट्रेन कैंसिल्ड का कारण बताकर रिफंड मांगा है। जबकि इसमें रेलवे की कोई गलती नहीं थी तो पूरा रिफंड शायद ही मिले। इस पर सुनील मीणा ने बताया कि यात्रा नहीं करने के आधार पर भी रेलवे कुछ रिफंड तो करेगा और बाकी बचा हम करेंगे। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद रेलवे और आईआरसीटीसी के बीच कोऑर्डिनेटिंग एजेंसी की कमी खली है। बीच यात्रा में टिकटों के विवाद के बारे में रेल अधिकारी यात्रियों की शिकायतों पर ध्यान नहीं देते।
शक्ति सिंह
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