भगवान जगन्नाथ रथयात्रा: भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच अहमदाबाद और पुरी में शुरू हुआ समारोह

भगवान जगन्नाथ रथयात्रा: भारी सुरक्षा इंतजामों के बीच अहमदाबाद और पुरी में शुरू हुआ समारोह

अहमदाबाद की रथयात्रा के लिए बेहद कड़े सुरक्षा इंतजाम किये गए हैं। गुजरात पुलिस के 14 हजार जवान, स्टेट रिजर्व पुलिस की 22 कंपनियां और अर्धसैनिक बलों की 25 कंपनियां इस रथ यात्रा की सुरक्षा के लिए तैनात हैं। पुरी में भी भगवान जगन्नाथ की यात्रा को लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं

नई दिल्ली । गुजरात के अहमदाबाद और ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो चुकी है। अहमदाबाद भगवान जगन्नाथ की 141वीं रथयात्रा शुरू हो गई है। अहमदाबाद में शनिवार सात बजे भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू हो गई है। इसको लेकर मंदिर और यात्रा के मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने रथयात्रा के मार्ग पर झाड़ू लगाकर और उसके बाद रथ को खींच कर अहमदाबाद में इस यात्रा की शुरुआत की। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सुबह जगन्नाथ मंदिर में मंगल आरती में शामिल हुए। पुरी और अहमदाबाद में रथयात्रा में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों लोग पहुंच चुके हैं।

अहमदाबाद में यात्रा शुरू

अहमदाबाद में सुबह करीब सात बजे भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगरयात्रा पर निकल गए। अहमदाबाद में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सोने की झाड़ू लगाकर सुबह सात बजे रथयात्रा को रवाना कर दिया। इस दौरान सीएम का पूरा परिवार उपस्थित था। बता दें कि रथयात्रा में राज्य के प्रमुख यानी सीएम की तरफ से भगवान के स्वागत की परंपरा है। इससे यह संदेश देने की कोशिश की जाती है कि जगत के स्वामी जगन्नाथ हैं और बाकी सभी उनके सेवक हैं। प्रतिमाओं को भव्य तरीके से सजाया गया है और भगवान जगन्नाथ को पगड़ी भी पहनाई गई है। अहमदाबाद में भगवान की इस रथयात्रा में करीबन 2500 साधुसंत हिस्सा ले रहे हैं।

सुरक्षा के भारी इंतजाम

अहमदाबाद की रथयात्रा के लिए बेहद कड़े सुरक्षा इंतजाम किये गए हैं। गुजरात पुलिस के 14 हजार जवान, स्टेट रिजर्व पुलिस की 22 कंपनियां और अर्धसैनिक बलों की 25 कंपनियां इस रथ यात्रा की सुरक्षा के लिए तैनात हैं। रथयात्रा के 15 किमी लम्बे रूट पर पहली बार इजराइली हीलियम बैलून लगाए गए हैं।सीसीटीवी से यात्रा पर नजर रखी जा रही है। इस रथयात्रा की सुरक्षा के लिए 1.5 करोड़ रुपये का बीमा भी किया गया है।

उधर पुरी में भी भगवान जगन्नाथ की यात्रा को लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी धर्मावलांबियों को पुरी मंदिर में प्रवेश देने के फैसले बाद गहराए विवाद के बीच यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया है।

 

पुरी में रथयात्रा

ओडिशा के पुरी में सुबह 8 बजे जगन्नाथ मंदिर के कपाट खुलेंगे। पुरी की रथयात्रा सुबह से लेकर रात तक चलेगी। यहां करीब 15 लाख श्रृद्धालु दर्शन करने के लिए आए हैं। पुरी में रथयात्रा की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। यहां की तरह यात्रा अपने साज और सजावट के लिए विश्व प्रसिद्द है। यहां भगवान जगन्नाथ का रथ पीले और लाल रंग के कपड़ों से बनता है जिसमें जिसमें 16 पहिए लगे होते हैं। जबकि उनके भाई बलभद्र जी का रथ हरे और लाल रंग का होता है जिसमें 14 पहिए लगे होते हैं। वहीं सुभद्रा जी का रथ काले और लाल रंग के कपड़ों का बनता है जिसमें 12 पहिए लगे होते हैं। लकड़ी के बने इन रथों को श्रद्धालु खींचते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो भी इन रथों को खींचने का सौभाग्य पता है उस पर भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा होती है।

पीएम की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर देशवासियों को जगन्नाथ रथयात्रा की शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने कहा है कि भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से देश नई ऊंचाइयों पर पहुंचे। पीएम ने भगवान जगन्नाथ की पूजा के लिए प्रसाद भी भिजवाया है।

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