जलियांवाला बाग कांड के 100 सालः पीएम मोदी ने शहीदों को किया याद, राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि

जलियांवाला बाग कांड के 100 सालः पीएम मोदी ने शहीदों को किया याद, राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि

  • जलियांवाला बाग कांड को 100 साल पूरे
  • 10 मिनट में जनरल डायर ने चलवाईं थी 1650 राउंड गोलियां
  • इस नरसंहार के बाद हिलीं थीं ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें

नई दिल्ली। देश की आजादी के इतिहास में आज का दिन एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। वो साल था 1919 और तारीख थी 13 अप्रैल, जब जलियांवाला बाग में एक शांतिपूर्ण सभा के लिए जमा हुए हजारों भारतीयों पर अंग्रेज हुक्मरान ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं। इस जघन्य हत्याकांड में बहुत से लोगों ने अपनी जान गंवाई। कई कुचले गए तो कई गोलियों की चपेट में आए। जलियांवाला बाग के नरसंहार कांड को आज 100 साल पूरे हुए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जहां शहीदों को याद किया वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार सुबह अमृतसर पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी उनके साथ रहे।


पीएम मोदी ने किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलियांवाला बाग कांड के 100 साल पूरे होने पर ट्वीट किया।उन्होंने लिखा...'आज, जब हम भयावह जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 वर्षों का निरीक्षण करते हैं, तो भारत उस घातक दिन पर शहीद हुए सभी लोगों को श्रद्धांजलि देता है। उनकी वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनकी स्मृति हमें उस भारत के निर्माण के लिए और भी अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है जिस पर उन्हें गर्व होगा।'

 

वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी जलियांवाला बाग में मारे लोगों को श्रद्धांजलि दी। आपको बता दें कि जलियांवाला बाग कांड के 100 पूरे होने के मौके पर अमृतसर में एक खास कार्यक्रम होने वाला है, जिसमें शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पंजाब के राज्यपाल शहीदों को श्रदांजलि देंगे।

 

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सुबह अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग परिसर पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे। इससे पहले शुक्रवार को राहुल गांधी गोल्डन टेम्पल में माथा टेका।

 

आपको बता दें कि जलियांवाला बाग में सभा पंजाब के दो लोकप्रिय नेताओं की गिरफ्तारी और रोलेट एक्ट के विरोध में रखी गई थी। पर इससे दो दिन पहले अमृतसर और पंजाब में ऐसा कुछ हुआ था, जिससे ब्रिटिश सरकार गुस्से में थी। इसी गुस्से में ब्रिटिश सरकार ने अपने जल्लाद अफसर जनरल डायर को अमृतसर भेजा। जनरल डायर 90 सैनिकों के साथ जलियांवाला बाग पहुंचा लोगों पर गोलियां चलवा दी। करीब दस मिनट में 1650 राउंड गोलियां चलाने के बाद जनरल डायर इसलिए रुक गया था क्योंकि उसके सैनिकों की गोलियां खत्म हो गई थीं। इस नरसंहार के बाद ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें हिल गई थीं।

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