दिल्‍लीवासियों को जेएनयू बचाएगा प्राकृतिक आपदा से, तैयार किया पूरा प्रोजेक्‍ट

दिल्‍लीवासियों को जेएनयू बचाएगा प्राकृतिक आपदा से, तैयार किया पूरा प्रोजेक्‍ट

Mazkoor Alam | Publish: Oct, 21 2018 07:31:54 PM (IST) | Updated: Oct, 21 2018 07:31:55 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

स्काइमेट वेदर सर्विसेज और एसडीएसआर की योजना जेएनयू कैम्‍पस में पॉल्‍यूशन मॉनिटरिंग स्टेशन और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने की है।

नई दिल्ली : दिल्‍ली में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के स्पेशल सेंटर फॉर डिजास्टर रिसर्च (एसडीएसआर) स्काइमेट वेदर सर्विसेज हाथ मिलाने जा रहे हैं। इसके तहत यह स्काइमेट वेदर सर्विसेज और एसडीएसआर की योजना जेएनयू कैम्‍पस में पॉल्‍यूशन मॉनिटरिंग स्टेशन और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने की है। इसका उद्देश्‍य यह है कि मौसम एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी सटीक जानकारियां काफी पहले दी जा सके। एसडीएसआर की अध्यक्ष प्रो. अमिता सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह समझौता मंगलवार तक हो जाएगा और तकरीबन 15 दिन में यह स्टेशन स्थापित कर दिया जाएगा।

क्‍या है योजना
प्रो. अमिता ने जानकारी दी कि उन्‍होंने एक प्रोजेक्‍ट तैयार किया है। यह परियोजना दिल्ली में आपदा प्रबंधन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए है। इससे दो फायदे होंगे। पहला दिल्ली में कहां-कहां अतिक्रमण हैं और इससे किस तरह के हादसे की संभावना है इसका पता चल जाएगा। इसके साथ मौसम की भविष्‍यवाणी भी की जा सकेगी। उन्‍होंने यह भी जानकारी दी कि उनका यह प्रयास 2014 से चल रहा है। जेएनयू के करीब के गांव किशनगढ़, हौज खास, बेरसराय और मुनिरका में इस पर उनका शोध चल रहा है। शोध में यह बात स्‍पष्‍ट रूप से निकल कर आई है कि इन इलाकों में अगर कभी किसी तरह की प्राकृतिक आपदा भूकंप आदि आ जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसका कारण है इन इलाकों में बिजली की वायरिंग काफी खराब है।

डीयू के 5 कॉलेज भी हैं इस प्रोजेक्‍ट में शामिल
बता दें कि हालांकि यह प्रोजेक्‍ट जेएनयू का है, लेकिन इसके साथ दिल्ली विश्वविद्यालय के 5 लेडी श्रीराम कॉलेज, कमला नेहरू कॉलेज, मिरांडा हाउस, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और शहीद भगत सिंह कॉलेज भी जुड़े हैं। वह इस परियोजना के तहत अपने स्तर पर अपने आसपास के इलाकों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी जागरूकता फैलाने में जुटे हैं।

तीन चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्‍ट
बता दें कि यह प्रोजेक्‍ट तीन चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में स्काइमेट की ओर से प्रदूषण मॉनिटरिंग स्टेशन व ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित कर मौसम, हवा, प्रदूषण आदि का विस्तृत डेटा जुटाया जाएगा। इसके बाद दिल्‍ली जिला आपदा प्रबंधन (डीडीएम) की सभी टीमों के पास समय-समय पर इसे भेजा जाएगा।
दूसरे चरण में आपातकालीन स्थिति की भविष्‍यवाणी से संबंधित अलर्ट मैसेज डीडीएम को भेजा जाएगा। बारिश की संभानाओं के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अलावा वाट्सएप के जरिये एजेंसी और स्थानीय लोगों को सामूहिक स्तर पर अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा।
तीसरे चरण में जेएनयू के एसडीएसआर के जरिये आपदा प्रबंधन की जानकारी देने के लिए एक सामुदायिक रेडियो स्थापित किया जाएगा। इसके जरिये लोगों और सभी एजेंसियों को अलर्ट किया जाएगा।

 

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