Journalist Death Case: पत्रकार मौत मामले में बढ़ा विवाद, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दिए जांच के आदेश

  • Journalist Death Case में Union Health Minister Dr Harsh Vardhan ने उठाया बड़ा कदम
  • AIIMS Director को दिए जांच के आदेश, कमेटी बनाकर 48 घंटे में मांगी Report
  • पत्रकार के परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग, एम्स की भूमिका पर उठ रहे सवाल

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) से संक्रमित दिल्ली के पत्रकार ( Delhi Journalist Death Case ) के एम्स ( AIIMS ) की चौथी मंजिल से कूद कर आत्महत्या ( Suicide ) करने के मामले में अब कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बढ़ते विवादों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ( Health Minister ) डॉ. हर्षवर्धन ( Dr. Harsh Vardhan ) ने बड़ा कदम उठाया है।

डॉ. हर्षवर्धन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एम्स निदेशक को जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही 48 घंटे के अंदर उनसे इस संबंध में रिपोर्ट भी मांगी है। वहीं पत्रकार के परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस मामले में एम्स पर ही सवाल उठ रहा है और उन्हें ही जांच के लिए कहा गया है।

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एम्स प्रशासन की तरफ से पत्रकार तरुण सिसोदिया की मौत को लेकर बयान जारी किया गया है, लेकिन बयान के बाद भी सवाल बने हुए हैं, जिसके जवाब के लिए एम्स और एम्स ट्रॉमा सेंटर प्रशासन से लगातार प्रयास किया गया, लेकिन उनकी चुप्पी बनी हुई है।

उधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दुख जताते हुए ट्वीट किया है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि युवा पत्रकार के निधन से गहरा सदमा पहुंचा है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। मेरे पास अपना दुख व्यक्त करने के लिए कोई शब्द नहीं है। उनके पूरे परिवार, उनकी पत्नी और छोटे बच्चों के प्रति मेरी संवेदना है। भगवान उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दे।

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स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश देते हुए कहा, "मैंने एम्स निदेशक को तुरंत इस घटना की आधिकारिक जांच करने का आदेश दिया जिसके बाद उन्होंने उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया। यह समिति 48 घंटों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।"

एम्स की तरफ आया ये बयान
एम्स प्रशासन की तरफ से बयान जारी कर बताया गया है कि कोविड की वजह से तरुण को एम्स ट्रॉमा सेंटर में 24 जून को एडमिट किया गया था। वह फिलहाल टीसी-1 आईसीयू में था, जो पहली मंजिल पर है।

पत्रकार की अपने साथियों से बातचीत कर रही कुछ ओर इशारा

पत्रकार तरुण की अपने साथियों से चैट के जरिये जो बात हुई है वो कुछ और ही इशारा कर रही है। क्यों तरुण को हत्या का डर सता रहा था? क्यों वो अपने साथियों या दोस्तों ने इस डरे हुए लहजे में बात कर रहा था। ये सब जांच का विषय है।

पत्रकार के परिजनों को लगातार तरुण की सेहत को लेकर जानकारी दी जा रही थी लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह पूरी तरह से सच नहीं है, क्योंकि तरुण के परिवार के लोग उनके जर्नलिस्ट दोस्तों से फोन करके अपडेट लेते थे। एक दिन ऑक्सीजन पाइप को लेकर दिक्कत आई थी तो उनके दोस्तों ने इसकी सूचना एम्स प्रशासन को दी थी, तब जाकर उसे ठीक किया गया था।

एम्स ने अपने बयान में आगे लिखा है कि दोपहर 1: 55 बजे तरुण ICU से निकल कर भागे, उनके पीछे हॉस्पिटल अटेंडेंट भी भागे। तरुण चौथी मंजिल पर पहुंच गया, वहां विंडो तोड़कर छलांग लगा दी, जिसके बाद उन्हें ICU में भर्ती किया गया, लेकिन बचा नहीं पाए।

एम्स प्रशासन की यह यह थ्योरी भी थोड़ी अटपटी है। जो मरीज कई दिनों से कोविड संक्रमण से आईसीयू में हो, जिसे सांस लेने में दिक्कत हो, वह पहली मंजिल से चौथी मंजिल तक भाग कर पहुंचया और हॉस्पिटल अटेंडेंट उस तक पहुंच नहीं पाए।

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धीरज शर्मा
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