बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला: सुनवाई कर रहे जज ने की सुरक्षा की मांग, SC ने सरकार से जवाब मांगा

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला: सुनवाई कर रहे जज ने की सुरक्षा की मांग, SC ने सरकार से जवाब मांगा
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  • बाबरी मस्जिद विध्वंस साजिश मामले की सुनवाई कर रहे हैं जस्टिस यादव
  • सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांगा जवाब
  • चार्जशीट में आडवानी समेत है 13 अन्य नेताओं नाम

राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। इसी के साथ बाबरी मस्जिद विध्वंस साजिश मामले के ट्रायल की सुनवाई कर रहे जज ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। जज एसके यादव ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकार को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

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बता दें, जिस मामले की सुनवाई जज यादव कर रहे हैं, उस संबंध में दाखिल की गई चार्जशीट में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत 13 अन्य के नाम शामिल हैं।

जस्टिस एसके यादव ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने अपने लिए पुलिस प्रोटेक्शन की मांग की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को वो आदेश जारी करने का निर्देश भी दिया है, जिसमें कहा गया है कि- जज के कार्यकाल को तब तक के लिए बढ़ाया गया है, जब तक मामले का ट्रायल पूरा नहीं होता है।

गौर हो, सुप्रीम कोर्ट ने इसी जुलाई अपने एक आदेश में कहा था कि इस मामले का ट्रायल नौ महीने में पूरा होना है। जब तक ट्रायल पूरा नहीं होता, तब तक इसकी सुनवाई कर रहे जज रिटायर नहीं होंगे। साथ ही ये भी जोड़ा था कि इस बढ़े हुए कार्यकाल के दौरान वह किसी दूसरे केस की सुनवाई नहीं करेंगे।

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6 दिसंबर, 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद का ढांचा गिरा दिया गया था। आरोपियों में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवानी का नाम भी शामिल था। आडवानी समेत 13 अन्य नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। अन्य नेताओं में उमा भारती, कल्याण सिंह (अब राजस्थान के राज्यपाल), मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल, विनय कटियार और साध्वी ऋतंभरा जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

 

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