केरल में भीषण बाढ़ के बाद अब बीमारियों का कहर, लेप्टोस्पाइरोसिस से 12 की मौत

केरल में भीषण बाढ़ के बाद अब बीमारियों का कहर, लेप्टोस्पाइरोसिस से 12 की मौत

केरल में भीषण बाढ़ के चलते सबकुछ तहस-नहस हो गया है। राज्य के लोग देश की मदद से अपने जीवन को पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

तिरुवनंतपुरम। केरल में 96 सालों की भीषण बाढ़ के बाद अब भी तबाही का दौर जारी है। दक्षिण का यह सुंदर राज्य अब बीमारियों से जूझ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 1 अगस्त से 3 सितंबर के बीच केरल में लेप्टोस्पाइरोसिस के चलते 12 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 1 अगस्त से अब तक 372 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। केरल में भीषण बाढ़ के चलते सबकुछ तहस-नहस हो गया है। राज्य के लोग देश की मदद से अपने जीवन को पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

...ये हैं बीमारी के लक्षण

उल्लेखनीय है कि लेप्टोस्पाइरोसिस एक प्रकार का जीवाणु रोग है जो संक्रमित पशु के मूत्र से फैलता है। इसके शिकार मरीज को तेज बुखार, सिर दर्द, रक्तस्राव, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, लाल आंखें, और उल्टी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर इसका समय से उचित उपचार ना मिले तो गुर्दे और लिवर को नुकसान पहुंच सकता है। इसका नतीजा मौत भी हो सकती है।

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राहत-पुनर्वास सरकार के लिए बड़ी चुनौती

उल्लेखनीय है कि केरल में 96 सालों की सबसे भीषण बाढ़ आई थी, जिसके बाद पुनर्वास और राहत सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य में करीब तीन हजार से ज्यादा घर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं, इसके चलते लाखों लोग बेघर हो गए हैं। वहीं करीब साढ़े तीन हजार एकड़ की फसल भी बर्बाद होने का अनुमान जताया गया है। इनके अलावा राज्य में बाढ़ का पानी उतरने के बाद बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। सरकार के आकलन के मुताबिक राज्य को इस बाढ़ से करीब 20 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

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