एफडी में निवेश के लाभ

  • 10 वर्ष के निवेश पर पीएनबी हाउसिंग आपको संभावित 12.09% तक दे सकता है आय

आम आदमी के लिए निवेश का सीधा अर्थ है - सरल प्रक्रिया, कम से कम जोखिम और ज़्यादा से ज़्यादा लाभ। यह एक ऐसी धारणा है जो कि एक हर साधारण निवेशक के मन में रहती है और वो इसी अनुसार कार्य करता है। सरकार, निजी कम्पनियाँ और अन्य संस्थाएं अनेकानेक लाभ वाले स्कीम समय-समय पर लोगों के लिए निकालते हैं किन्तु एक सर्व-साधारण को अपने रूपए कहीं पर भी लगाने से पहले इसकी पूर्ण जाँच और तसल्ली के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए। एफडी, एसआईपी, म्यूच्यूअल फण्ड जैसे निवेश विकल्पों के बारे में आपने बहुत कुछ सुना-पढ़ा होगा और यदि आप सोच रहे हैं कि इस समय आपको अपना बहुमूल्य रुपया कहाँ लगाना चाहिए तो आगे की जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी होगी।

आज हम एफडी के बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि इसके क्या-क्या लाभ हैं और इस असंतुलित मार्केट में एफडी किस तरह आपके निवेश किये गए रुपयों को सुरक्षित रख सकता है और बेहतर कर के लौटा भी सकता है।

“फिक्स्ड डिपाज़िट” के नाम से प्रचलित इस विकल्प को “सावधि जमा” भी कह सकते हैं जिसमें आप अपना रुपया एक निश्चित (फिक्स्ड) समय के लिए निवेश करते हैं जिसपर आपको एक निश्चित (फिक्स्ड) ब्याज दर पर ब्याज अर्जित होगा और समय पूर्ण होने पर आप अपना मूल और ब्याज मिलाकर पूरी रकम निकाल सकते हैं। पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस आपको समय के अंत के साथ-साथ पहले से निश्चित की गयी अंतराल, जो कि मासिक, त्रैमासिक, अर्ध-वार्षिक या वार्षिक अवधि में भी आपको ब्याज की राशि निकालने की अनुमति देता है। यह सुविधा बाकियों से हटकर है।

आमतौर पर आप एफडी में 1 से 5 साल तक के लिए निवेश कर सकते हैं। 10 वर्ष के निवेश पर पीएनबी हाउसिंग आपको अवधि के अंत में संभावित 12.09% तक आय दे सकता है। इसमें निवेश करते समय ही एक ब्याज दर निश्चित कर दी जाती है जो कि समय के साथ बदलती नहीं है। एफडी बाजार के अधीन नहीं होता है और इसमें आपको बचत खाते से बेहतर ब्याज दर उपलब्ध होता है। पीएनबी हाउसिंग वरिष्ठ नागरिकों को इसमें भी 0.25% अधिक ब्याज दर देता है।

अब आपको म्यूच्यूअल फण्ड और एफडी के बीच मुख्य अंतर के बारे में बताते हैं जिससे आप यह तय कर सकेंगे कि आपके लिए फिलहाल कौन सा निवेश बेहतर रहेगा।

● म्यूच्यूअल फण्ड बहुत प्रचलित इसलिए है क्योंकि इसमें ब्याज दर बाजार के अधीन होता है और बदलता रहता है जिससे कमाने के आसार भी बढ़ते हैं लेकिन इस असुरक्षित बाजार में एफडी का स्थिर ब्याज दर ही ज़्यादा कारगर साबित होगा क्योंकि यह जोखिम को कम करता है। पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस को क्रिसिल द्वारा CRISIL ‘FAAA/Negative’ रेटिंग दी गयी जिसका मतलब है कि यह सबसे ज़्यादा सुरक्षित है।

● अगर आप कम समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो दोनों ही तरह के निवेशों में आपको अधिक संभावना नहीं मिलेगी और खासकर इस बाज़ार में आपको म्यूच्यूअल फण्ड में अधिक नुक्सान उठाना पड़ सकता है।

● एफडी में निवेश करना काफी आसान है। आप पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कि किसी भी शाखा से एफडी में निवेश कर सकते हैं या ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं जिसके बाद हमारे प्रतिनिधि आपके घर आकर आवश्यक दस्तावेज लेकर एफडी निवेश में आपकी सहायता करते हैं।

अंत में यही कहना चाहेंगे कि आपको बाज़ार को देखकर ही निवेश करना चाहिए और चूँकि अभी बाज़ार में उतार-चढ़ाव बहुत ज़्यादा है, इसलिए आप जोखिम कम उठाना पसंद करेंगे। एफडी में आपके रुपयों के डूबने का खतरा नहीं है क्योंकि यह बाज़ार के हिसाब से नहीं चलता जिस कारण यह ज़्यादा सुरक्षित माना जाता है। (feature article)

पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस फिक्स्ड डिपॉजिट के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

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