अमीरी में अनिल अंबानी को भी पीछे छोड़ा, जानिए कौन है ये शख्स

अमीरी में अनिल अंबानी को भी पीछे छोड़ा, जानिए कौन है ये शख्स

स्वयं को मीडिया और प्रचार से दूर रखते हैं...

नई दिल्ली। हाल ही में फोर्ब्स ने भारत के सौ सबसे अमीर व्यक्तियों के नामों की सूची जारी की। सूची में पहले स्थान पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी , दूसरे पर अजीम प्रेमजी और तीसरे स्थान पर हिंदुजा ब्रदर्स हैं। इसी लिस्ट में मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी 2.4 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ 45वें नंबर पर हैं। आइए आपको बताएं उस शख्स के बारे में जिसने अनिल अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया है। ये हैं राधाकिशन दमानी। फोर्ब्स के अनुसार इस सूची में 9.3 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ वे 12 वें स्थान पर हैं। वे डी मार्ट सुपर मार्केट चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्केट के प्रमुख हैं। सूची में आयशर मोटर्स के विक्रम लाल 7.2 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 17वें स्थान पर हैं। फोर्ब्स की लिस्ट में पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण 6.55 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 19वें स्थान पर हैं। जबकि बिहार के जहानाबाद में जन्मे संप्रदा सिंह फोर्ब्स की लिस्ट में 43वें नंबर पर हैं।

कौन हैं दमानी
राधाकिशन दमानी देश में अभी सबसे बड़े निवेशक और डी मार्ट कंपनी के मालिक है। राकेश झुनझुनवाला ने उन्हें स्टॉक मार्केट का गुरु बोला है, क्योंकि उन्होंने बहुत कम समय में शेयर बाजार में अपनी पहचान बनाई है। उनकों लोग मिस्टर व्हाइट और व्हाइट भी बुलाते है। डी मार्ट को सुपर मार्केट रिटेल चेन एवेन्यू सुपर मार्केट ये इसका पूरा नाम है, और संक्षिप्त में इसे डी मार्ट ब्रांड के नाम से जाना जाता है। दुनिया भर के अमीरों के नाम की सूची बनाने वाली हैब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के अनुसार दमानी का कारोबार अब भारत में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

radhakishan dmani d mart
IMAGE CREDIT: google

पढ़ाई लिखाई और कॅरियर की शुरुआत
राधाकृष्णन दमानी ने अपने कॅरियर की शुरुआत बल बेअरिंग के व्यापार से की थी। पिता की मृत्यु के बाद अपने भाई के कहने पर उन्होंने स्टॉक मार्केट में न आने की इच्छा होते हुए भी भाई के साथ स्टॉक ब्रोकिंग के बिजनेस में लग गए। उन्हें पहले इक्विटी निवेशक के रूप में जाना जाता था। उस समय उनकी उम्र महत 32 साल थी। दमानी ने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कॉमर्स स्नातक में एडमिशन ली, लेकिन पढ़ाई जारी नहीं रख पाए। शुरू से ही एकाउंटिंग में उनकी रुचि थी। उन्हें हिंदी और इंग्लिश भाषा आती है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि डिग्री से ज्यादा जरूरी नए विचार हैं।

बहुत कम बोलते हैं
राधाकृष्णन दमानी को जानने वालों के अनुसार वे बहुत कम बोलते हैं। वे अन्तर्मुखी व्यतित्तव वाले हैं और सुनने में विश्वास रखते हैं। दमानी खुद को मीडिया या किसी भी जगह पर ज्यादा प्रोजेक्ट नहीं करते हैं। वे बस काम करने में विश्वास करते हैं। उनकी कंपनी में उनकी पत्नी और उनके भाई की भी हिस्सेदारी है। अचानक से उनके शेयर के दामों में आए उछल ने उन्हें अनिल अंबानी जैसे बिजनेसमैन को पछाड़ने में मदद की।
स्टॉक के बारे में भी नहीं पता था
जब उन्होंने अपना कॅरियर शुरू किया, तब उन्हें स्टॉक के बारे में कोई ज्ञान नहीं था। उन्होंने निवेशक चंद्रकांत संपत के कार्यों से प्रेरणा ली और शेयर मार्केट के बाजार में पूरी तरह से अपने किस्मत को आजमाने उतर गए। शुरु में उनकी रणनीति बहुत समान्य थी पर अगले ही कुछ वर्ष में दलाल स्ट्रीट में उनका कारोबार चल निकला।

डी-मार्ट है पहचान
वैसे तो राधाकृष्णन का कई बड़ी कंपनियों में निवेश है, लेकिन खुदरा बाजार के व्यापार में उतरने पर उन्होंने डी मार्ट कंपनी बनाई। डी मार्ट राधाकृष्णन दमानी की पहचान बन गई है। यह एवेन्यू सुपरमार्ट की ही एक दूसरी नई श्रृंखला है डी मार्ट जिसको आरके दमानी ने सन 2002 में मुंबई में स्थापित किया था। और पहला स्टोर नवी मुंबई में स्थापित किया था। देश में 9 राज्यों में उनके 118 स्टोर हैं।

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