Liquor Shop को मिल सकती है Online बिक्री की अनुमति, भीड़ देख मिनटों में बंद करनी पड़ी थी दुकान

Highlights

-लॉकडाउन के नियमों में छूट के बाद सोमवार से शर्तों के साथ शराब की दुकानें खुली और खुलने से पहले ही दुकानों पर लंबी लंबी कतारें देखने को मिली

-आबकारी विभाग को अनुमान है कि सोमवार को पहले दिन प्रदेश की 26 हजार दुकानों से करीब 100 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को मिलने का अनुमान है

-इस बीच शराब निर्माता कंपनियों ने एक बार फिर से शराब की ऑनलाइन बिक्री को इजाजत देने की बात कही है

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में कई दिनों से जारी लॉकडाउन में सोमवार से काफी छूट दी गई। इन छूट में शराब की दुकानों को भी खोलने की इजाजत दी गई है। जारी लॉकडाउन के नियमों में छूट के बाद सोमवार से शर्तों के साथ शराब की दुकानें खुली और खुलने से पहले ही दुकानों पर लंबी लंबी कतारें देखने को मिली। आबकारी विभाग को अनुमान है कि सोमवार को पहले दिन प्रदेश की 26 हजार दुकानों से करीब 100 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को मिलने का अनुमान है। इस बीच शराब निर्माता कंपनियों ने एक बार फिर से शराब की ऑनलाइन बिक्री को इजाजत देने की बात कही है। एेसा माना जा रहा है आगे सरकार बड़ा कदम उठाते हुए ऑनलाइन बिक्री की अनुमति दे सकती है।

मिनटों में बंद करनी पड़ गई दुकान

कोरोना वायरस महामारी के कारण पूरे देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है। 3 मई को लॉकडाउन का दूसरा चरण समाप्त हो गया और अब 17 मई तक इसका तीसरा चरण चलेगा। सरकार ने राजस्व के हो रहे नुकसान के मद्देनजर लॉकडाउन के तीसरे चरण में शराब की दुकानों को खोलने की ढील दी है। इसी के तहत करीब 40 दिन बाद शराब की दुकानें सोमवार को खुलीं। हालांकि लोगों की भारी भीड़ उमड़ने तथा अफरा-तफरी मचने के कारण दिल्ली, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और आंध्रप्रदेश में खुलने के कुछ ही मिनट बाद दुकानों को बंद करना पड़ा।

दुकान खुलते ही टूट पड़े लोग

शराब उद्योग के संगठनों ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (एआईडीए), ऑल इंडिया ब्रेवर्स एसोसिएशन (एआईबीए) और कंफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईएबीसी) ने कहा कि करीब डेढ़ महीने से लोगों को शराब नहीं मिली, इस कारण सोमवार को दुकान खुलते ही लोग इन दुकानों पर टूट पड़े।

ऑनलाइन बिक्री सुझाव

कुछ संगठनों ने कहा कि उन्हें पहले से ही ऐसा होने का अंदेशा था और इसी कारण उन्होंने सरकार को शराब की ऑनलाइन बिक्री करने और होम डिलीवरी करने की इजाजत देने का सुझाव दिया था। एआईडीए ने दुकानें खोलने की छूट देने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन को दुकानों पर भीड़ नियंत्रित करना चाहिए था।

शहरी क्षेत्रों में बिक्री अधिक

संगठन के महानिदेशक वीएन रैना ने कहा कि बिक्री की मात्रा के बारे में पूछे जाने पर कहा कि निश्चित रूप से शहरी क्षेत्रों में बिक्री अधिक थी। रैना ने कहा कि सरकार को राजस्व की आवश्यकता है और अधिकतम राजस्व शराब उद्योग से आता है। सीआईएबीसी ने कहा कि लगभग 40 दिनों के निषेध के बाद जब कोई बहुत ज्यादा वांछित उत्पाद बाजार में उपलब्ध होता है, तो यह बहुत सारे खरीदारों को आकर्षित करेगा।

मिलनी चाहिए ऑनलाइन बिक्री की अनुमति

संगठन के चेयरमैन विनोद गिरि ने कहा कि यह किसी भी उद्योग के साथ हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को अन्य उत्पादों की तरह शराब की ऑनलाइन बिक्री की अनुमति देनी चाहिए। यह लॉकडाउन अवधि के दौरान सामाजिक दूरी के मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करेगा। यदि ऑनलाइन बिक्री जैसे चैनलों को अनुमति दी जाती है तो इससे दुकान पर भार कम हो जाता है और बहुत से लोगों को दुकान पर जाने की जरूरत नहीं होगी।

Ruchi Sharma
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