मश्हूर गीतकार और कवि गोपालदास नीरज का 93 साल की उम्र में एम्स में निधन

मश्हूर गीतकार और कवि गोपालदास नीरज का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को निधन हो गया। वह एम्स में भर्ती थे।

नई दिल्ली। हिंदी के मश्हूर गीतकार और कवि गोपालदास नीरज का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया। वह एम्स में भर्ती थे। बता दें कि उनकी तबीयत मंगलवार को खराब हो गई थी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आगरा के लोटस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन हालत में सुधार ना होता देख उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया, जहां उनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

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एम्स के ट्रामा सेंटर में थे भर्ती

एम्स प्रबंधन ने बताया कि नीरज को बुधवार रात एम्स ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। यहां पल्मोनरी और मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया था। उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी। लेकिन गुरुवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।

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उत्तर प्रदेश के इटावा के रहने वाले थे नीरज

बता दें कि गोपाल दास नीरज का जन्म 4 जनवरी 1925 को उत्तर प्रदेश के इटावा में हुआ था। वह हिंदी के प्रसिद्ध कवियों में से एक थे। यहीं नहीं वह हिन्दी फिल्मों में कई सुपरहिट गाने भी लिख चुके थे। दिवंगत गोलदास नीरज को उनकी रजनाओं के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं।

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पद्मश्री और पद्मभूषण से किया जा जुका है सम्मानित

नीरज को साल 1991 में पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं, 2007 में पद्मभूषण सम्मान से भी नवाजा गया। यही नहीं उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार ने यश भारती सम्मान से भी सम्मानित किया है। कई सुपरहिट गाने लिख चुके गोपालदास नीरज को तीन बार फिल्म फेयर अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।

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Shivani Singh
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