मंदिर उत्सवों में आतिशबाजी प्रतिबंधित हो: अम्मा

आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी ने कहा है कि मंदिर उत्सवों में आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए

कोल्लम। आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी ने कहा है कि मंदिर उत्सवों में आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। अम्मा ने यह मांग ऐसे समय में की है, जब केरल के एक मंदिर में हुए एक अग्रिकांड में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई।

अम्मा ने एक बयान में कहा है, 'हर वर्ष हम इस तरह की किसी न किसी आतिशबाजी हादसे के बारे में सुनते हैं। सरकार और मंदिर प्रशासन को मंदिरों में या तो आतिशबाजी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के बारे में विचार करना चाहिए या फिर सख्त नियमों के साथ और उचित अधिकारियों की निगरानी में कम से कम उनका सीमित उपयोग करना चाहिए।'

उल्लेखनीय है कि कोल्लम जिले के पेरावुर कस्बे में रविवार तड़के एक मंदिर में आतिशबाजी के कारण एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें लगभग 110 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक घायल हो गए। माता अमृतानंदमयी मठ ने मृतकों के परिजनों के लिए एक-एक लाख रुपये और प्रत्येक घायल के लिए 50,000 रुपये मुआवजे की घोषणा की है। जिस मंदिर में यह हादसा हुआ, वह माता अमृतानंदमयी मठ के मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर है।

मठ ने यह भी कहा है कि कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल में घायलों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। अम्मा ने कहा, 'अग्रिकांड से मुझे गहरा सदमा पहुंचा है और दुख हुआ है, जिसमें कई बेगुनाह पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं और सैकड़ों अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।'
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सुनील शर्मा Desk
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