मराठा समाज ने कल मुंबई बंद का किया ऐलान, क्रांति मोर्चा ने की अध्यादेश लाने की मांग

मराठा क्रांति मोर्चा अध्यादेश लाने पर रुकेगा आंदोलन मोर्चा ने तुरंत अध्यादेश लाने पर रुकेगा

 

मुंबई: महाराष्ट्र में मराठा समाज का आंदोलन हिंसक होता जा रहा है। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई है। मराठा समाज ने सरकार को ध्यान आकर्षण कराने के लिए कल मुंबई बंद का ऐलान किया है। मुंबई के अलावा नवी मुंबई, पुणे, पालघर , औरंगाबांद, रायगढ़ बंद करने की भी घोषणा की गई है।

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शिवसेना आरक्षण को करेगा समर्थन

वहीं मराठा क्रांति मोर्चा ने सरकार से तुरंत अध्यादेश लाने की मांग की है। मोर्चा का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर तत्काल अध्यादेश लाए तभी जाकर आंदोलन पर रोक लगेगा। वहीं शिवसेना ने मराठा समाज के आंदोलन को समर्थन करने का ऐलान किया है। शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि मराठा आरक्षण में देरी हुई है। कोर्ट इस पर प्रतिक्रिया कैसे करेगा, उसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। जिन लोगों ने इस मुद्दे को हल करने के लिए आरक्षण का वादा किया था, उन्हें आगे आना चाहिए।

 

कई सालों से चल रहा आंदोलन

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में मराठा अंदोलन पिछले कई सालों से चल रहा है। सोमवार को मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग को लेकर किए गए सुसाइड के बाद औरंगाबाद में एक शख्स ने मंगलवार को नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। वहीं दूसरी ओर आरक्षण की मांग कर रही गुस्साई भीड़ ने सड़क पर खड़े फायर ब्रिगेड़ के वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पिछले साल अगस्त में भी मराठा समाज का आंदोलन व्यापक हुआ था।

ये हैं मराठों की प्रमुख्य मांगें -

-नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण

- एट्रोसिटी कानून में संशोधन करके इसके दुरुपयोग पर रोक

- कृषि ऋण माफ कर किसान आत्महत्या रोकी जाएं - कृषि उपज को ज्यादा समर्थन मूल्य दिया जाए - कोपर्डी बलात्कार कांड के दोषियों को फांसी दी जाए

-बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा समुदाय सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण की मांग कर रहा है।

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Prashant Jha
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