क्या भारत सरकार आपके सभी WhatsApp मैसेज पर रख रही है नजर , जानिए पूरी सच्चाई

भारत सरकार की PIB ने इस खबर को फेक बताया है। प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से ऐसा कुछ भी नहीं किया जा रहा है।

नई दिल्ली । कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए केंद्र सरकार लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने पर विचार कर रही है। वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इस महामारी को लेकर कई तरह की झूठी जानकारियां और अफवाहें फैलाई जा रही हैं। हर दिन कुछ ना कुछ सोशल मीडिया पर फेक मैसेज या वीडियो शेयर हो रहे हैं।

क्या है वायरल मैसेज ?

अब ताजा मामला व्हाट्सएप मैसेज पर सरकार द्वारा नजर रखने को लेकर है। दरअसल सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है कि भारत सरकार आपके हर व्हाट्सऐप मैसेज को ट्रैक कर रही है। साथ ही सरकार आप पर कार्रवाई भी कर सकती है।

पत्रिका फैक्ट चेक के एक सतर्क पाठक ने यह मैसेज हमारे व्हाट्सएप नंबर पर भेजा। जिसपर पत्रिका फैक्ट चेक टीम ने इसकी पड़ताल शुरू की तो सच्चाई इससे अलग निकली।

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वायरल मैसेज की सच्चाई ?

  • दरअसल, व्हाट्सएप पर तेजी से वायरल हो रही तस्वीर में बताया गया है कि भारत सरकार आपके हर एक व्हाट्सएप मैसेज की निगरानी कर रही है। शेयर हो रहे मैसेज में स्टेप बाई स्टेप लिखा गया है कि अगर आप किसी को मैसेज भेजते हैं, तो यहा पर एक टिक दिखाई देता है, जिसका मतलब मैसेज आपने भेजा, 2 टिक का अर्थ है कि रिसिवर तक यह पहुंच गया, और जब रिसिवर यह मैसेज पढ़ लेता है, तो दोनों टिक ब्लू हो जाते हैं। उसके बाद तीन ब्लू टिक होने पर सरकार ने इसे नोट कर लिया।
  • इसके साथ ही इस तस्वीर में 6वें नंबर पर बताया गया है कि एक ब्लू के साथ 2 लाल टिक होने पर सरकार आपके मैसेज की स्क्रीनिंग कर रही है। वहीं 5वें नंबर पर दिखाया गया है कि अगर 2 ब्लू के साथ 1 लाल टिक है, तो इसका मतलब है कि सरकार आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकती रही है है।आखिरी में 3 लाल टिक का मतलब है कि सरकार आपको कोर्ट का समन भेज सकती है।
  • जब पत्रिका फैक्ट चेक टीम ने इस मैसेज की पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि यह पूरी तरह से फेक मैसेज है। सरकार ने ऐसा कोई भी आदेश जारी नहीं किया है।
क्या भारत सरकार आपके सभी व्हाट्सऐप मैसेज पर नजर रख रही है, जानिए पूरी सच्चाई
  • वहीं भारत सरकार की PIB ने इस खबर को फेक बताया है। प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से ऐसा कुछ भी नहीं किया जा रहा है। यह पूरी तरह से फर्जी मैसेज है। पीआईबी ने लोगों से इस तरह के मैसेज पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
Prashant Jha
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