बदल जाएगा BIKE पर बैठने का तरीका, ये रहा Modi Government का नया आदेश

  • मोदी सरकार ( Modi Government ) ने बाइक ( BIKE ) को लेकर नए बदलाव किए हैं
  • परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ( Ministry of Road Transport and Highways ) की ओर से नई गाइडलाइंस जारी कर दी गई है

नई दिल्ली। एक तरफ देश कोरोना वायरस ( coronavirus ) से जूझ रहा है। वहीं, दूसरी तरफ केन्द्र सरकार ( central Government ) कई चीजों में लगातार बदलाव कर रही है। खासकर, पिछले कुछ समय से सेफ्टी को लेकर परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ( Ministry of Road Transport and Highways ) की ओर से कई नियम बदल गए हैं। इसी कड़ी में अब बाइक ( Bike ) को लेकर कुछ नए नियम (New Rule for Bike ) लागू किए गए हैं। इस बाबत मंत्रालय की ओर से नई गाइडलाइंस (Guidelines ) भी जारी की गई है।

बदल जाएगा बाइक पर बैठने का तरीका

मंत्रालय ( Ministry of Road Transport and Highways ) की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, बाइक ( Bike river ) चलाने वाले के पीछे बैठने वालों के लिए सरकार ने खासा ध्यान दिया है। नए नियम के मुताबिक, ड्राइवर ( Driver ) की सीट के पीछे हैंड होल्ड होंगे। जिससे पीछे बैठने वालों की सेफ्टी हो सके। रिपोर्ट के मुताबकि, ज्यादातर बाइक में वर्तमान में इस तरह की सुविधा नहीं है। इसके अलावा दोनों ओर पायदान भी अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही पीछले पहिए के बाएं हिस्से को आधा कवर किया जाएगा, ताकि पीछे बैठने वालों के कपड़े पहिए में न फंसे। नई गाइडलाइंस ( Guidelines For Bike ) के अनुसार, बाइक में हल्का कंटेनर लगाने का भी मंत्रालय ने आदेश दिया है। कंटेनर की लंबाई 550 मिमी, चौड़ाई 510 मिमि और ऊंचाई 500 मिमी होगा।

ये होंगे बदलाव

नियम के मुताबिक, कंटेनर को पिछली सवारी के स्थान पर लगाया जाता है, बाइक पर केवल ही लोग को बैठने की मंजूरी होगी। मतलब ड्राइवर ( Bike Driver ) के अलावा बाइक पर और दूसरा कोई नहीं बैठ सकता है। वहीं, पिछली सवारी के स्थान के पीछे कंटेनर ( Contener ) को लगाया गया तो दो लोगों को बाइक पर बैठने की इजाजत होगी। बताया जा रहा है कि केन्द्र सरकार ( Central Government ) समय-समय पर इन नियमों में बदलाव करती रहेगी। सरकार का मकसद है कि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को किसी तरह रोका जाए। हाल ही में टायर को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की गई है। अतिकतम 3.5 टन वजन तक के वाहन के लिए टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम का सरकार ने सुझाव दिया है। इसके तहत ड्राइवर को यह जानकारी मिल जाएगी कि टायर में हवा की हालत क्या है। इस नियम के लागू होने के बाद गाड़ी में एक्स्ट्रा टायर की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Kaushlendra Pathak
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