मोदी सरकार का नया प्रयोग, अब अधिकारियों की जगह विशेषज्ञ संभालेंगे मंत्रालयों में अहम जिम्मा

Rahul Chauhan

Publish: Oct, 13 2017 01:18:47 AM (IST)

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मोदी सरकार का नया प्रयोग, अब अधिकारियों की जगह विशेषज्ञ संभालेंगे मंत्रालयों में अहम जिम्मा

पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना 'न्यू इंडिया 2022' के विजन के लिए बनने वाली टीम में भी विशेषज्ञों को जगह दी जा सकती है।

नई दिल्ली: पीएम मोदी की समानांतर नौकरशाही खड़ी करने की योजना ने अचानक तेजी पकड़ ली। मंत्रालयों के अहम पदों पर अधिकारियों की बजाय विशेषज्ञों की नियुक्तियां शुरू हो गई हैं। बुधवार देर रात केंद्र सरकार ने राजेश कोटेचा को आयुष मंत्रालय में विशेष सचिव के रूप में नियुक्त किया। यह पहली नियुक्ति थी जब किसी मंत्रालय में सचिव पद पर आईएएस अधिकारी नहीं बैठाया गया, बल्कि उस क्षेत्र से जुड़े किसी विशेषज्ञ को जिम्मेदारी सौंपी गई।

राजेश कोटेचा जामनगर स्थित गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रहे हैं। इससे पहले 25 सितंबर को पीएम मोदी ने अपनी आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन किया था। परिषद के गठन के बाद पीएम ने इसकी पहली बैठक बुधवार को ली थी। यह भी विशेषज्ञों की समानांतर टीम बनाने की पहल का ही हिस्सा था।

सूत्रों के अनुसार नौकरशाही में लेटरल एंट्री पर पीएम मोदी अब तेजी से कदम बढ़ाएंगे। मंत्रियों के समूह ने लेटरल एंट्री से जुड़े मसले के सभी पहलुओं को समेटते हुए अपनी रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट में सरकार के अंदर नीतिगत फैसले वाले पदों पर विशेषज्ञों की नियुक्ति को सहमति दी गई। इसके बाद पीएमओ ने कैबिनेट सचिव को अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों की सूची बनाने को कहा गया है जो सरकार के साथ जुड़ सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार केंद्र शुरू में सलाह लेने के स्तर पर इन लोगों की सेवाएं ले सकता है। रेलवे, वित्त, रक्षा और स्वास्थ्य ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सरकार को विशेषज्ञों की तलाश सबसे ज्यादा है। इसके अलावा पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना 'न्यू इंडिया 2022' के विजन के लिए बनने वाली टीम में भी विशेषज्ञों को जगह दी जा सकती है।

हालांकि सरकार की इस पहल को लेकर संदेह भी है। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि लेटरल एंट्री के मानक पूरी तरह साफ नहीं किए गए तो इसका दुरुपयोग भी हो सकता है।

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