इस बार धूमधाम से मनेगा योग दिवस

पहले अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस को मिले अपार वैश्विक जन समर्थन को देखते हुए केन्द्र सरकार दूसरे योग दिवस के लिए कोई कसर नहीं छोडऩा चाहती है

नई दिल्ली। वर्ष 2015 में मनाए गए पहले अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस को मिले अपार वैश्विक जन समर्थन को देखते हुए केन्द्र सरकार दूसरे योगा दिवस के लिए कोई कसर नहीं छोडऩा चाहती है। सरकार चाहती है कि इस साल जो कार्यक्रम हो, उसमें यूजीसी आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, आईआईएसईआर सभी संस्थाओं की भागीदारी 100 फीसदी सुनिश्चित हो।

21 जून को आयोजित किए जाने वाले योगा दिवस के एक घंटे के कार्यक्रम के लिए भारत में विदेशियों के वास्ते सुरम्य स्थानों पर एडवांस्ड कार्यक्रम का आयोजन करना और भाजपा शासित राज्यों में बड़े पैमाने पर योग का प्रदर्शन करना भी शामिल है।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री के योग गुरु डा. एच.आर. नगेन्द्र की अगुवाई वाला एक उच्चस्तरीय पैनल मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर इस बारे में मंत्रणा कर रहा है। इस साल के कार्यक्रम में उच्च स्वर में चार मिनट का योगा गीत भी गाया जाना भी शामिल है।

सूत्रों के अनुसार सहमति बनी है कि इस साल सामान्य योगा दिवस के प्रोटोकॉल को 45 मिनट से बढ़ाकर एक घंटे का कर दिया जाए। इसमें अतिरिक्त जो 15 मिनट मिलेंगे, उसमें प्राणायाम, ध्यान, योगनिद्रा और सत्संग का आयोजन किया जाएगा।

इस बात पर भी सहमति बनी है कि अप्रेल-मई में विदेशियों के लिए पर्यटक स्थलों जैसे गोवा, मुम्बई, जयपुर, दिल्ली, मैसूर, ऋषिकेश समेत अन्य शहरों के सुरम्य स्थानों पर एडवांस्ड योगा शिविर लगाए जाएं। इसके लिए वित्तीय सहायता आयुष विभाग देगा। इसके अलावा 21 से 23 जून तक योगा सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में योगा के परम्परागत स्वास्थ्य सम्बंधी लाभों पर मिले साक्ष्यों पर भी विचार किया जाएगा।
सुनील शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned