बीते साल के मुकाबले 26 फीसदी बढ़े आरटीआई आवेदन, सबसे ज्यादा मिले वित्त मंत्रालय को

वर्ष 2017-18 में 12.33 लाख से अधिक आरटीआई आवेदन दाखिल।

नई दिल्ली। सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत सूचनाएं प्राप्त करने वाले आवेदनों की तादाद वित्त वर्ष 2017-18 में बढ़ी है। जबकि आवेदन खारिज होने वाले आवेदनों की संख्या में कमी आई है। वहीं, वित्त मंत्रालय के बारे में जानने की जिज्ञासा सबसे ज्यादा है और इसी मंत्रालय को सर्वाधिक आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए हैं।

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने बृहस्पतिवार को आरटीआई आवेदन की सालाना रिपोर्ट सार्वजनिक की। इस रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2017-18 में सरकार को कुल 12.33 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। पिछले वर्ष (2016-17) की तुलना में यह संख्या 26 फीसदी ज्यादा है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल पंजीकृत केंद्रीय सार्वजनिक प्राधिकरणों को कुल 12 लाख 33 हजार 207 आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह वित्त वर्ष 2016-17 की तुलना में 3 लाख 17 हजार 458 यानी 26 फीसदी अधिक हैं।

सूचना का अधिकार

पिछले साल केंद्रीय सार्वजनिक प्राधिकरणों ने कुल 63 हजार 206 यानी 4 फीसदी आरटीआई आवेदनों को खारिज कर दिया था। जबकि आवेदन खारिज करने में पिछले साल की तुलना में 2.59 फीसदी की गिरावट आई। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान कुल 6.59 फीसदी आरटीआई आवेदनों को खारिज किया गया था।

समीक्षाधीन साल में सार्वजनिक प्राधिकरणों ने आवेदन शुल्क, अतिरिक्त शुल्क और दंड के रूप में कुल 1.26 करोड़ रुपये इकट्ठे किए।

इस वर्ष सबसे ज्यादा आरटीआई आवेदन वित्त मंत्रालय को मिले, जिसकी संख्या 1 लाख 99 हजार 923 रही। इनमें से 28 हजार 145 आवेदनों को खारिज कर दिया गया।

इसके अलावा सबसे ज्यादा आवेदन दिल्ली उच्च न्यायालय ने खारिज किए, जो कि 18 फीसदी रहे। इसके बाद गृह मंत्रालय ने कुल 15.16 फीसदी आवेदन खारिज किए।

सीआईसी ने 2017-18 में दूसरी अपील और शिकायतों के कुल 29,005 मामलों का निपटारा किया।

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अमित कुमार बाजपेयी
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