बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस से मचा कोहराम, 10 दिनों में 31 मासूमों की मौत

बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस से मचा कोहराम, 10 दिनों में 31 मासूमों की मौत

  • दो जून से लेकर अब तक एक्यूट इंसेफेलाइटिस से 86 बच्चे पीड़ित
  • जनवरी, 2019 से लेकर 2 जून तक 13 मामले सामने आए
  • 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चे इस बीमारी के हैं शिकार

नई दिल्ली। बिहार में एक बार फिर एक्यूट इंसेफेलाइटिस का कहर जारी है। इस खतरनाक बीमारी से मुजफ्फरपुर में महज 10 दिनों के अंदर 31 बच्चों की मौत हो गई है। इस घटना से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

 

file photo

एसकेएमसीएच ( SKMCH ) मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक सुनील शाही ने बुधवार को बताया कि दो जून से लेकर अब तक एक्यूट इंसेफेलाइटिस से पीड़ित 86 बच्चों को एडमिट किया गया है। इसमें 31 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई के हालत बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी से लेकर 2 जून तक 13 मामले सामने आए थे, जिसमें 3 की मौत हो गई थी। इस घटना ने एक बार फिर बिहार झकझोर दिया है।

 

file photo

डॉक्टर्स के मुताबिक, 15 वर्ष तक की उम्र के बच्चे इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। इस कारण मरने वालों में अधिकांश की आयु एक से सात वर्ष के बीच है। इस बीमारी का शिकार आमतौर पर गरीब परिवार के बच्चे होते हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि इस बीमारी का मुख्य लक्षण तेज बुखार, उल्टी-दस्त, बेहोशी और शरीर के अंगों में रह-रहकर कंपन होना है।

 

file photo

डॉक्टर सुनील शाही ने बताया कि हालात की गंभीरता को देखते हुए सात सदस्‍यीय केंद्रीय दल बुधवार को मुजफ्फरपुर पहुंच रहा है। केंद्रीय दल स्‍थानीय डॉक्‍टरों के साथ मिलकर इस बात की जांच करेगा कि बच्‍चों की मौत के क्‍या कारण हैं।

file photo

वहीं, बिहार के प्रधान सचिव संजय कुमार का कहना है कि 80 फीसदी मौतों में हाइपोग्लाइसीमिया का शक है। इस बीच राज्‍य सरकार ने राज्‍य के 12 जिलों में 222 प्राइमरी हेल्‍थ सेंटर्स को अलर्ट कर दिया है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरतें।

 

file photo

बिहार सरकार की एक टीम भी मुजफ्फरपुर पहुंची है, जो स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संजय कुमार ने बताया कि उन्‍होंने खुद प्राइमरी हेल्‍थ सेंटर्स की स्थिति का जायजा लिया है। उनका कहना है कि सभी इंतजाम मानकों के मुताबिक हैं। एसकेएमसीएच के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जी. एस. सहनी ने बताया कि अब तक बीमार बच्चों का उपचार बीमारी के लक्षण को देखते हुए किया जा रहा है।

file photo

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि मुजफ्फरपुर में 11 बच्चों की मौत हुई, जिसमें एक बच्चे की मौत एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से हुई है। उन्होंने कहा कि अन्य बच्चों की मौत हाइपोग्लाइसीमिया यानी अचानक शुगर की कमी हो जाने से हुई है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned