मां का दूध ही बच्चों को बचाएगा कोरोना के खतरे से, बना सुरक्षा कवज

Highlights
- शिशु को स्तनपान के दिनों में एक मां के आहार में ध्यान देना अत्यधिक आवश्यक है
- इसके साथ ही मां के दूध का एक नया रूप देखने को मिला है
- मां का दूध नवजात शिशु के लिए जहां सबसे ज्यादा ताकतवर है वहीं यह उसकी कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए ताकत दे रहा है


नई दिल्ली. ये हम सभी जानते हैं कि मां का दूध फायदेमंद होता है। मां का दूध अमृत के समान होता है। इसके सेवन से ना सिर्फ शिशु का अच्छी तरह पेट भर जाता है, बल्कि उसके शरीर और मानसिक विकास में भी यहां बहुत तीव्र कार्य करता है। इतना ही नहीं मां का दूध कई गंभीर रोगों से भी शिशु को आजीवन मुक्त दिलाती है। शिशु को स्तनपान के दिनों में एक मां के आहार में ध्यान देना अत्यधिक आवश्यक है। इसके साथ ही मां के दूध का एक नया रूप देखने को मिला है। देश में तेजी से फैले कोरोना वायरस महामारी के बीच डॉक्टर ने बताया है कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए जहां सबसे ज्यादा ताकतवर है वहीं यह उसकी कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए ताकत दे रहा है।

183 में दो बच्चे मिले संक्रमित

दिल्ली के दो बड़े अस्पताल लोकनायक और आरएमएल में अब तक 183 कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं की प्रसूति हो चुकी है। इनमें से केवल दो बच्चे ही कोविड संक्रमित मिले हैं जबकि 181 शिशु जन्म के पांच दिन बाद की गई जांच में कोरोना निगेटिव मिले हैं। यह स्थिति तब है जब डॉक्टर जन्म के चंद समय बाद ही नवजात शिशु को स्तनपान के लिए उसकी मां को सौंपते हैं। हालांकि अन्य समय के लिए शिशु को मां से अलग एनआईसीयू में ही रखा जाता है।

केंद्र सरकार के नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के डॉ. राहुल चौधरी ने बताया कि शुरूआत से लेकर अब तक आरएमएल में 29 कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं की प्रसूति की गई है जिनमें से केवल एक ही बच्चा कोरोना संक्रमित पाया गया है।

मां के दूध से हो रही सुरक्षा

इसे लेकर एक चिकित्सीय अध्ययन भी शुरू किया गया है जिसमें अब तक यही पता चला है कि मां का दूध नवजात शिशु की कोरोना वायरस से सुरक्षा कर रहा है। कोविड के लिए अलग से एनआईसीयू और ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है। यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलने वाला कोरोना वायरस मां से उसके नवजात शिशु तक नहीं पहुंच रहा।

144 कोविड गर्भवती महिलाओं में एक बच्चा संक्रमित

दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल के चिकित्सीय निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि अब तक उनके यहां 144 कोविड गर्भवती महिलाओं में से केवल एक केस में बच्चा संक्रमित मिला है। मां से कोरोना संक्रमण उसके शिशु तक नहीं पहुंच रहा। उन्होंने कहा कि देश में दो हजार बिस्तरों की क्षमता के साथ लोकनायक अस्पताल एक मात्र कोविड विशेष केंद्र है जहां सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित महिलाओं की डिलीवरी हुई है।

Ruchi Sharma
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