Maharashtra में Online Education में समस्या, आधे छात्रों के पास ही इंटरनेट कनेक्टिविटी

  • महाराष्ट्र के स्कूलों ( Maharashtra Schools ) की ऑनलाइन एजुकेशन ( online education ) में बाधा बनी इंटरनेट ( internet connectivity ) कनेक्टिविटी।
  • कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) के बीच स्मार्टफोन-लैपटॉप तक भी पहुंच ना होना है पढ़ाई में दिक्कत।
  • माता-पिता के पास डिजिटल स्किल ( digital skills ) की कमी भी परेशानी।

 

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) के बीच स्कूल बंद होने से छात्रों को अब घर बैठे पढ़ाने के लिए स्कूल ऑनलाइन क्लासेज ( Online Classes ) का सहारा ले रहे हैं। लेकिन महाराष्ट्र में तकरीबन आधे बच्चों तक ऑनलाइन एजुकेशन ( online education ) की पहुंच ही नहीं है। इसकी वजह माता-पिता में डिजिटल स्किल्स का अभाव, स्मार्टफोन ना होना, इंटरनेट कनेक्टिविटी ( internet connectivity ) खराब होना और फोन रिचार्ज कराने में अक्षम होना जैसे कारण प्रमुख हैं। 15 जून से शुरू नए शैक्षणिक सत्र ( maharashtra education ) से पहले महाराष्ट्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (MSCERT) और संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल कोष (UNICEF) के सहयोग से किए गए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है।

इस सर्वे में कुल 737 स्कूलों ( Maharashtra Schools ) और 6,855 छात्रों का साक्षात्कार लिया गया था। सरकार ने सर्वे के लिए प्रत्येक जिले से दो ब्लॉक चुने थे। इनमें एक ब्लॉक सबसे उच्चतम और दूसरा सबसे कम साक्षरता दर वाला चुना गया। सर्वे में पता चला कि जहां करीब 59.8 फीसदी छात्रों के पास स्मार्टफोन थे, केवल 57 फीसदी के पास ही इंटरनेट कनेक्टिविटी थी। जबकि सर्वेक्षण में शामिल कुल छात्रों में से 1 फीसदी से भी कम के पास डेस्कटॉप या लैपटॉप थे।

इस संबंध में MSCERT के निदेशक दिनकर पाटिल ने कहा, "स्कूलों को ऑनलाइन फिर से खोलने से पहले जिन बाधाओं को दूर करने की जरूरत थी, उनकी पहचान करने के लिए यह सर्वेक्षण किया गया था। अब कई माध्यमों से छात्रों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। स्कूलों के फिर से ऑनलाइन खुलने के बाद हमने यह समझने के लिए दूसरे चरण का सर्वेक्षण शुरू है किया कि छात्र पिछले एक महीने से कैसे पढ़ रहे हैं।"

ऑनलाइन क्लासेज में बच्चों की शैतानियों से छात्राएं ही नहीं टीचर्स भी परेशान, जानें किस तरह की शैतानियां कर रहे बच्चे

ऑनलाइन एजुकेशन तक पहुंच ना पाने वाले छात्रों के लिए सबसे बड़ी बाधा माता-पिता के बीच डिजिटल स्किल ( digital skills ) की कमी थी। 3,391 छात्रों में से लगभग 72 फीसदी इस तरह की परेशानी से जूझ रहे थे और उन्होंने दावा किया कि यह उनके लिए एक समस्या है।

ऑनलाइन एजुकेशन में सामने आने वाली बाधाओं को लेकर कुल प्रतिभागियों में से 66.4 फीसदी ने स्मार्टफोन की कमी, 52.3 फीसदी ने इंटरनेट नहीं, 35.2 फीसदी ने कनेक्टिविटी के मुद्दे और 22.6 फीसदी ने परिवार की सहायता की कमी का मुद्दा उठाया। वहीं, लगभग 8.5 फीसदी छात्र किसी प्रकार के अवैतनिक कार्यों के माध्यम से अपने परिवारों की सहायता करने में लगे हुए थे।

ऑनलाइन एजुकेशन को एक्सेस करने से जुड़े मुद्दे हाशिए और सामाजिक रूप से पिछड़े समूहों में अधिक देखे गए। शिक्षा विभाग की डिजिटल एजुकेशन तक पहुंच के लिए सामान्य वर्ग के 59 फीसदी छात्रों के उलट अनुसूचित जनजातियों के केवल 40.5 फीसदी छात्र और खानाबदोश जनजातियों के 46.2 फीसदी ही इसका उपयोग कर सकते थे।

Coronavirus Pandemic
Show More
अमित कुमार बाजपेयी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned